द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। विकासखंड के ग्राम मैनोली (कुई) निवासी लोकगायक टीकाराम उपाध्याय का 94 वर्ष में निधन हो गया है। उनके हुड़के की थाप जहां लोगों में जोश भर देती थी वही हमूं हूं ल्यावो बैलबौटमा.. की प्रस्तुति जीवन में रंग भर देती थी। अब ये आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई है।
टीकाराम भगनौल, छपेली आदि विधाओं के मशहूर गायक थे। उम्र के अंतिम पड़ाव में भी लोक संस्कृति के प्रति उनमें गजब का उत्साह था। स्याल्दे मेला सहित अन्य कार्यक्रमों में पहुंचकर वह भगनौल गाकर युवाओं को अपनी सांस्कृतिक धरोहर व संस्कृति को बचाने का संदेश देते थे। बीते साल 14 अप्रैल को स्याल्दे मेले में वह जैसे ही मंच पर पहुंचे तो दर्शकों का दिल धक-धक करने लगा। हुड़के की थाप पर उन्होंने हमूं हूं ल्यावो बैलबौटमा घाघरी पैरो तुम, तमूहे बेर हम हो स्वामी हम जै केछूं कम... की प्रस्तुति से समा बांध दिया। मेले में उनकी कमी हमेशा खलेगी। उनके निधन पर विभिन्न संगठनों ने शोक जताया है।