नानीसार में भूमि के स्वामित्व की जांच किए बगैर जिंदल ग्रुप के कथित स्कूल को विद्युत कनेक्शन देने पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन से स्पष्टीकरण मांगा है। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने बीते 21 फरवरी को नियामक आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार के सामने यह मामला उठाया था। उन्होंने विद्युत वितरण में सुधार के लिए कर्मचारियों की कमी का मसला भी उठाया था। इसके बाद आयोग ने यूपीसीएल से 500 कर्मियों की भर्ती के लिए एक माह में योजना प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने फरवरी, मार्च में उत्तराखंड के अल्मोड़ा, रुद्रपुर, देहरादून, टिहरी में जन सुनवाई कर सुझाव मांगे थे। आयोग ने यूपीसीएल द्वारा विद्युत दरें बढ़ाने के लिए की गई मांग के क्रम में इस सुनवाई के बाद 29 मार्च 2017 को आदेश जारी किया है। नियामक आयोग ने इस संबंध में पीसी तिवारी द्वारा चर्चित नानीसार में जिंदल की हिमांशु एजुकेशनल सोसाइटी को सितंबर 2015 में भूमि के स्वामित्व के बिना विद्युत आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मर लगाने की जांच की मांग की थी।
उन्होंने कहा था कि जहां गरीब, जरूरतमंदों को वर्षों तक विद्युत कनेक्शन नहीं मिला वहीं यूपीसीएल ने नानीसार में अवैध ढंग से विद्युत संयोजन जारी कर दिया। आयोग ने यूपीसीएल कोे इस मामले में विस्तृत जानकारी और वस्तु स्थिति के अवगत कराने का आदेश दिया है।
आयोग ने उपपा अध्यक्ष और डा. आरएस शाही द्वारा विद्युत की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कर्मचारियों की कमी दूर करने की मांग पर यूपीसीएल को 500 कर्मचारियों की भर्ती के लिए बजट स्वीकृत करते हुए आदेश के एक माह के भीतर भर्ती प्रक्रिया की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।