अल्मोड़ा। गांजा, स्मैक, चरस और नशीले इंजेक्शन की तस्करी की जड़ खत्म करने के लिए अब एसओपी बना दी गई है। जिलों में इसकी मॉनिटरिंग पुलिस कप्तान कर रहे हैं। किसी भी बरामदगी के बाद कैरियर से उसके फारवर्ड (सामान कहां पहुंचाना) और बैकवर्ड लिंक (सामान कहां से लाए) की जानकारी ली जाएगी। फंडिंग, मददगार और संपत्ति अर्जन जैसे प्वाइंट का पूरा डाटा बेस बनेगा।
नशा मुक्त उत्तराखंड मुहिम के तहत कुमाऊं में एसओपी के जरिये एनडीपीएस एक्ट के मामलों को नए तरीके से इन्वेस्टीगेट किया जा रहा है। एंटी नारकोटिक्स सेल ऐसे तस्करों से गहराई से पूछताछ करेगा। इनसे मिली सारी जानकारी का पूरा डाटा बेस बनेगा। इसे भी बैकवर्ड व फारवर्ड दोनों प्वाइंट में दर्ज होगा। इससे यदि किसी अन्य जिले में इनका नेटवर्क है तो उसे भी इसके जरिये ट्रैक किया जा सके। नई एसओपी में नशीले पदार्थ को लेकर फंडिंग, कैरियर के छुपने के लिए आवासीय इंतजाम करने वाले तथा इस कारोबार से अर्जित की गई संपत्ति का ब्यौरा भी डाटाबेस में होगा। इसी का इस्तेमाल कर कुमाऊं के संबंधित जनपद के पुलिस कप्तान अगली कार्रवाई कर सकेंगे।
पांच प्राथमिकी की जांच के बाद 15 पर गैंगस्टर
अल्मोड़ा एसएसपी देवेंद्र पीचा ने इसी एसओपी के जरिये कार्य किया। एक साल में पकड़े गए 95 तस्करों से जानकारी लेते हुए डाटाबेस संरक्षित किया। इसके जरिये पांच प्राथमिकी में 15 ऐसे नाम सामने आए तो इस पूरी चेन को हैंडल करते हैं। एसएसपी ने बताया कि इन सभी 15 को गैंगस्टर में निरुद्ध किया है। अब नशे के कारोबार के जरिए फंडिंग करने वालों पर जल्द नकेल कसेंगे। तस्कर व कैरियर को पनाह देने वालों की भी सूची बनाई है।
यहां से लाते हैं नशे के सामान
कुमाऊं के अल्मोड़ा में गांजा की तस्करी सबसे ज्यादा है। पौड़ी-अल्मोड़ा बार्डर से यहां पहुंचाया जा रहा है। बरेली के बहेड़ी और रिछा से स्मैक और नशे में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन हल्द्वानी सहित अन्य जनपद में खपाए जा रहे हैं। लमगड़ा, चंपावत और नैनीताल के कुछ हिस्सो से चरस की सप्लाई कुमाऊं के जिलों में हो रही है।
कोट...
ड्रग्स को लेकर एसओपी लागू कर दी गई है। कुमाऊं के सभी छह पुलिस कप्तान अपने-अपने जिले में मानीटरिंग कर रहे हैं। फंडिंग सहित सभी जानकारी डाटाबेस में दर्ज हो रहा है। बैकवर्ड व फारवर्ड लिंक चेन को तोड़ने में कारगर होगा। कुमाऊं के उन पॉकेट को सूचीबद्ध कर रहे हैं जहां से नशे की खेप निकल रही है।- रिद्धिम अग्रवाल, आईजी कुमाऊं