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बिछुड़ा बेटा मिला अब पति गायब

Wed, 21 Jan 2015 12:07 AM IST
रमेश जोशी/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
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 पुलिस के आपरेशन मुस्कान ने डेढ़ साल पहले रुद्रपुर से लापता बच्चे का पता लगाकर उसकी मां शांति को सौंप दिया है। इस खुशी में दुखद बात यह है कि महिला का पति बच्चे के गम में छह महीने से गायब है। यह बच्चा अल्मोड़ा के राजकीय शिशु सदन में पल रहा था।
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मूलरूप से भोजीपुरा (बरेली) निवासी हरीश कुमार और उनकी पत्नी शांति पिछले लंबे समय से किराए के मकान में रुद्रपुर में रहते हैं। वे दोनों सिडकुल में नौकरी करते थे। 10 सितंबर 2013 की सुबह शांति ड्यूटी पर गयी थी। उनका चार साल का बेटा देव पिता हरीश के साथ घर पर था। सुबह के समय हरीश बेटे देव को लेकर घर के पास ही बाजार घूमने निकल गए। बाजार में वह अखबार पढ़ रहे थे। इसी दौरान देव कहीं निकल गया।

इस बीच पिता हरीश कुमार और वहां मौजूद लोगों ने देव की काफी तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं लगा। पिता ने इसी दिन ट्रांजिट कैंप पुलिस में देव की गुमशुदगी दर्ज कराई। बेटे के लापता होने के बाद पति-पत्नी के बीच तनाव होने लगा। पत्नी शांति इसके लिए पति हरीश कुमार को जिम्मेदार ठहराने लगी। इसे लेकर झगड़ा इतना बढ़ गया कि हरीश कुमार गर्भवती शांति को बताए बगैर छह माह पूर्व घर से कहीं चला गये। तब से शांति को पति की कोई खबर नहीं है। चार महीने पहले शांति की बेटी पैदा हुई है।
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पुलिस ने बताया कि यह बच्चा 10  सितंबर 2013 की शाम काठगोदाम रेलवे स्टेशन में जीआरपी के जवानों को भटकता हुआ मिला। प्रशासन ने इसे चाइल्ड लाइन सेंटर को देखरेख को सौंप दिया। प्रशासन के आदेश पर देव को 16 सितंबर 2013 में अल्मोड़ा के बख में स्थित राजकीय शिशु सदन लाया गया। तब से बच्चा यहीं पल रहा था। आपरेशन स्माइल के तहत प्रदेश भर से लापता बच्चों की सूचना पुलिस को मिली है लेकिन इस सूचना में रुद्रपुर से लापता बच्चे देव की फोटो नहीं थी। अल्मोड़ा में अभियान के प्रभारी एसएसआई गोविंद भट्ट ने शिशु सदन में रह रहे देव की फोटो मोबाइल से प्रदेश के सभी जिलों के प्रभारियों को भेजी।

रुद्रपुर पुलिस ने देव की मां को फोटो दिखाई तो उन्होंने अपने बेटे को पहचान लिया। मंगलवार को देव की मां शांति देवी, मामा दिनेश कुमार, पड़ोसी सपना भारद्वाज, अनिल कुमार अल्मोड़ा पहुंचे। शिशु सदन में कार्रवाही कराने के बाद पुलिस टीम बच्चे और परिजनों को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। एसपी केएस नगन्याल ने बच्चे को मां शांति को सुपुर्द किया। शांति ने बताया कि बिछुड़े बेटे को पाने की उम्मीद छोड़ी नहीं थी। पुलिस ने डेढ़ साल से बिछुड़े बेटे को मिला दिया है। शांति को उम्मीद है कि बेटे के मिल जाने के बाद घर छोड़ चुके पति भी जल्द वापस लौट आएंगे।

पुलिस की भूमिका सराहनीय
अल्मोड़ा। लापता बच्चे के परिजनों को तलाशने में आपरेशन मुस्कान के प्रभारी एसएसआई गोविंद भट्ट और उनके साथियों ने काफी प्रयास किया। उन्होंने परिजनों का पता लगाने के लिए शिशु सदन में रह रहे बच्चे की फोटो प्रदेश के सभी प्रभारियों को भेजी। इसके चलते ही रुद्रपुर पुलिस लापता देव के परिजनों को खोज पाई। शांति देवी ने अल्मोड़ा पुलिस को बताया कि उनके बेटे के सिर में बांयी तरफ जले का निशान है। अल्मोड़ा पुलिस ने बच्चे के सिर पर निशान देखकर उसके देव होने की पुष्टि की। पुलिस अधीक्षक केएस नगन्याल ने आपरेशन स्माइल टीम के प्रयासों की सराहना की है।

बेटे की तलाश में क्या-क्या नहीं किया
अल्मोड़ा। बेटे को पाने के लिए परिवार ने रात दिन एक किया था। धार्मिक स्थलों में प्रार्थना की। ज्योतिषों, तांत्रिकों द्वारा सुझाए टोटकों में धन और समय बर्बाद तो किया साथ ही दुर्घटना आदि में मारे गए बच्चों में भी देव की तलाश की। शांति देवी ने बताया कि पुलिस द्वारा लापता बच्चों की बरामदगी पर शिनाख्त करने को कई बार बुलाया। एक बार लालकुआं पुलिस ने बुलाया। सामने एक बच्चे की लाश पड़ी थी। भारी मन से कपड़ा उठाया बच्चे के शव से सिर गायब था। वह कहती हैं कि बच्चे से बिछुड़ने के दर्द और वर्षों बाद वापस मिलने की खुशी शब्दों में जाहिर नहीं की जा सकती है। उन्होंने बेटे को मिलाने के लिए पुलिस के अलावा शिशु सदन प्रशासन का आभार जताया है।
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