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मुख्यमंत्री ने फोन से किया शहीद दिवस समारोह को संबोधित

Fri, 02 Sep 2016 10:17 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला सोमेश्वर (अल्मोड़ा)।
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सोमेश्वर के शहीदों को नमन किया - फोटो : अमर उजाला
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सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। मसूरी में मौसम की खराबी के चलते मुख्यमंत्री हरीश रावत शुक्रवार को चनौदा में शहीद दिवस समारोह में भाग नहीं ले सके। मसूरी से ही फोन से श्री रावत ने गांधी आश्रम चनौदा परिसर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के आंदोलन में बौरारो घाटी के शहीदों का योगदान अविस्मरणीय है।
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सोमेश्वर घाटी के शहीदों ने स्वतंत्रता संग्राम में कुली बेगार प्रथा, अगस्त क्रांति असहयोग आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का उत्तराखंड राज्य बनाने के लिए सरकार काम कर रही है। उन्होंने महात्मा गांधी इंटर कालेज चनौदा के भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये, सोमेश्वर पेयजल योजना बनाने, क्षेत्र के छह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संयुक्त नाम से महिला बेस अस्पताल का नाम रखने की घोषणा की।

 रावत ने कहा कि चनौदा गांधी आश्रम की विशिष्ट पहचान है, लेकिन वर्तमान में यह कारोबार मंदी के कगार पर है। सरकार इस कारोबार को पुनर्जीवित कर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ेगी।  उन्होंने शहीद स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि पूर्व में की गई घोषणाओं पर काम चल रहा है।
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जिनके पूरा होने पर जनता को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल से मतभेद नहीं है। हमारा संघर्ष गरीबी, कुपोषण, भ्रष्टाचार से है। राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही है। शहीदों के सपनों को साकार करने और गरीबों के उत्थान के लिए सरकार काम कर रही है।

राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि सरकार सोमेश्वर क्षेत्र की समस्याओं के समाधान को काम कर रही है। सीएम की घोषणाएं जल्द धरातल पर उतरेंगी। कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि वह सोमेश्वर क्षेत्र के विकास के लिए प्रयासरत रहेंगे। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह महरा, अनुसूचित जाति आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र बाराकोटी आदि ने विचार रखे।

जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती महरा, कांग्रेस नेता दिनेश कुंजवाल, गोपाल दत्त भट्ट, हरीश भाकुनी आदि मौजूद थे। अध्यक्षता स्वतंत्रता संग्राम उत्तराधिकारी संगठन के अध्यक्ष महिपाल भाकुनी और संचालन बालम भाकुनी, ललित सिंह भाकुनी ने किया। मुख्यमंत्री को अपराह्न 1:15 बजे पहुंचना था, लेकिन नहीं पहुंचने पर 2:45 बजे फोन से जनसभा को संबोधित किया।

सोमेश्वर। महात्मा गांधी इंटर कालेज चनौदा, कन्या हाईस्कूल चनौदा, आनंद वैली स्कूल सोमेश्वर, शिशु मंदिर गुुरुड़ा, प्राथमिक स्कूल शैल, गुरुड़ा,  शिशु सदन चनौदा के बच्चों ने सोमेश्वर में प्रभातफेरी निकाली। इसके बाद जनप्रतिनिधियों, लोगों और बच्चों ने शहीद स्मारक चनौदा में दो मिनट का मौन रखकर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

स्वतंत्रता संग्राम उत्तराधिकारी संगठन के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, सोमनाथ सांस्कृतिक मंच, उद्यांस पर्वतीय कला केंद्र अल्मोड़ा के कलाकारों ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। कांग्रेस नेताओं के अलावा श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएसपी केएस नगन्याल, भाजपा नेत्री पूर्व विधायक रेखा आर्या, ज्येष्ठ ब्लाक उप प्रमुख राजेंद्र कैड़ा, कृष्ण सिंह बिष्ट, राजेंद्र बोरा, प्रकाश बिष्ट, कमल भंतडारी, सिकंदर पवार, दीपक बोरा, धरम सिंह मेहरा, सीडीओ प्रकास चंद्र आदि शामिल थे। 

सोमेश्वर। शहीद दिवस समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा नेत्री पूर्व विधायक रेखा आर्या ने कहा है कि विधायक रहते हुए उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री से इस समारोह में आने का निवेदन किया, लेकिन नहीं पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि शहीद दिवस समरोह को राजकीय मेले का दर्जा दिया जाए। पूर्व विधायक ने कहा कि सीएम ने पूर्व में कई घोषणाएं की थीं पर वह आज तक पूरी नहीं हो पाई हैं।

मुख्यमंत्री को घोषणाओं को धरातल पर उतारना चाहिए। सोमेश्वर अस्पताल का  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकरण, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गांवों को जोडने के लिए भेटा-बड़सीला सड़क का निर्माण, बेस अस्पताल निर्माण, गैस गोदाम आदि घोषणाओं को मुख्यमंत्री पूरा करवाएं ताकि क्षेत्र का विकास हो सके।
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