सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। सांई नदी, बरसाती गधेरों से घाटी क्षेत्र के गांवों में जबर्दस्त भूकटाव हुआ है। इससे कई मकानों को खतरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन, प्रशासन को नदियों, गधेरों से हो रहे भूकटाव को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करने चाहिए, ताकि नुकसान कम से कम हो। सरकार आपदा से किसानों को हुई क्षति का मुआवजा भी शीघ्र उपलब्ध कराए।
बले गांव के राजेद्र सिंह भंडारी कहते हैं कि सांई नदी से क्षेत्र में भूकटाव हो रहा है। चार कमरों के मकान को काफी क्षति पहुंची है। नदी से मकान को खतरा हो गया है। प्रशासन के कार्मिक आज गांव में आए थे। आकलन करके चले गए हैं, लेकिन मुआवजा नहीं मिला है।
बले गांव के नाथू सिंह रावत कहते हैं कि खेती से ही परिवार की आजीविका चलती है। पांच नाली भूमि में धान की पौध रोपी थी। बरिश के पानी में बहकर आए मलबे से पूरे खेत पट गए हैं। जिससे खाद्यान्न का संकट हो जाएगा। प्रशासन को फसल क्षति का वाजिब मुआवजा देना चाहिए।
रहमत हुसैन, पल्यूड़ा के कहते हैं कि सांई नदी से घर के चार कमरों में शनिवार को मलबा भर गया। सारा सामान खराब हो गया। भूकटाव से मकान की सुरक्षा दीवार टूट गई है। इससे मकान को भी खतरा बन गया है। प्रशासन को नदी से हो रहे भूकटाव को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय करने चाहिए।