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बादल फटने से सोमेश्वर की लोद घाटी में भारी तबाही

Sun, 03 Jul 2016 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा/सोमेश्वर।
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सोमेश्वर थाना भवन के बहने का खतरा - फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा/सोमेश्वर। भारी बारिश और बादल फटने के कारण सोमेश्वर की लोद घाटी में भारी तबाही हुई है। बादल फटने के बाद लोद घाटी से होकर निकलने वाली साई नदी में जबरदस्त उफान आ गया जिससे नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया। भूकटाव के कारण करीब दो दर्जन घरों को खतरा उत्पन्न हो गया है। जबकि करीब एक दर्जन लोगों के घरों में मलबा घुस गया। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पांच परिवारों को घर छोड़ने के आदेश दिए हैं। सोमेश्वर थाना भवन को भी खतरा हो गया है।
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पैदल मार्गों में बनी आठ पुलिया ध्वस्त हो गई हैं। पैदल मार्ग, नहरें और पेयजल लाइनें तहस-नहस हो गई हैं। जबकि सोमेश्वर-बिंता-रानीखेत राज मार्ग में स्थित तीन पुलों को भी नुकसान पहुंचा है। यह रोड बंद है। एक गैराज ध्वस्त हो जाने के कारण उसके भीतर कार भी दब गई। करीब 100 से अधिक काश्तकारों के खेतों में जगह-जगह मलबा भर गया है।

तबाही के बाद एसडीएम विवेक राय के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम मौके पर राहत कार्यों में जुटी है। इधर अल्मोड़ा में कोसी नदी भी उफान पर है। रात से ही कोसी बैराज के पांचों गेट खोले रखे हैं। कोसी में बाढ़ के कारण जल संस्थान के दो पंप भी डूब गए हैं। भारी बारिश के कारण जिले के विभिन्न इलाकों में स्थित 17 ग्रामीण सड़कें भी बंद हो गई हैं। 
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 शुक्रवार रात करीब 12 बजे बाद हुई तेज बारिश के बाद सोमेश्वर की लोद घाटी से होकर निकलने वाली साईं नदी ने भयावह रूप धारण कर लिया। जिससे लोग डर के कारण सहम गए और सोमेश्वर बाजार सहित इलाके के लोग पूरी रात जागे रहे। नदी के तेज बहाव के कारण जबरदस्त भूकटाव हुआ जिससे नदी के पास स्थित गांवों को खतरा उत्पन्न हो गया। नदी में बाढ़ आने से लोद घाटी में नदी के आसपास रहने वाले करीब दो दर्जन घरों को खतरा उत्पन्न हो गया है।

कई लोगों के घरों में मलबा और पानी घुस गया। दीवान सिंह बोरा का गैराज ध्वस्त हो गया। गैराज में जगदीश चंद्र जोशी की कार भी दब गई। रहमत हुसैन के घर में मलबा घुस गया। क्षेत्र में रहने वाले रहमत हुसैन, इंद्र सिंह, दीपा देवी, जगत सिंह, बिशन  सिंह कैड़ा आदि के घरों को खतरा उत्पन्न हो गया है। इन लोगों के घरों में  मलबा और पानी भी घुस गया। मल्ला खोली निवासी प्रेम सिंह ने पड़ोस में शरण  ले रखी है।

सिरानी में पनराम का घर टूट गया और परिवार के लोग बाल-बाल बच गए। पडोलिया मनान में प्रताप राम की गौशाला ध्वस्त हो गई जिसमें एक गाय दबकर मर गई। जिससे घर का सामान भी खराब हो गया। पूरी घाटी क्षेत्र में करीब 100 से अधिक काश्तकारों के खेतों में जगह-जगह मलबा आ जाने से काफी नुकसान हुआ है। सोमेश्वर बाजार क्षेत्र में भी जगह-जगह मलबा आ गया।

साईं नदी के किनारे से निकलने वाले सोमेश्वर-बिंता-रानीखेत स्टेट हाई वे को भी काफी नुकसान पहुंचा है और इसमें रात से ही यातायात ठप है। इस रोड में बौगाड़, धौलीगाड़ और सुकराड़ गधेरों के ऊपर बने तीन पुलों को नुकसान पहुंचा है। इन पुलों को दुरुस्त करने के बाद ही इस रोड में यातायात सुचारु हो सकेगा। सड़क बंद हो जाने से पूरे क्षेत्र के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में भूकटाव और बाढ़ से हुए नुकसान की सूचना मिलने के बाद देर रात करीब डेढ़ बजे अल्मोड़ा से एनडीआरएफ, आपदा  प्रबंधन और क्यूआरटी की टीमें मौके को रवाना हो गईं।

शनिवार सुबह एडीएम इला  गिरि, एसडीएम विवेक राय, सीओ एएस रावत सहित सोमेश्वर में राजस्व विभाग के  अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। एसडीएम श्री राय फिलहाल मौके पर रहकर स्थिति पर निगाह रखे हुए हैं। इधर आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में सेराघाट-कुंजकिमौला, दन्याश्ं-आरासल्पड़, धौलादेवी-चौसालाचिल सहित 17 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। उधर दौलाघट क्षेत्र के बीडीसी सदस्य महेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया दौलाघट इलाके में भी भारी नुकसान हुआ है।

अधिकांश पैदल मार्ग और सिंचाई नहरें ध्वस्त हो गई हैं। इधर पूर्व विधायक रेखा आर्या ने प्रशासन से क्षेत्र में हुए भारी नुकसान का जायजा लेकर तुरंत राहत कार्य शुरू करने और ध्वस्त पड़ी योजनाओं को दुरुस्त करने को कहा है। उन्होंने कहा कि वह अपने स्तर से भी हर संभव मदद का प्रयास करेंगी। 

सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। भारी बारिश के कारण लोद घाटी के कई गांवों में रास्ते और पैदल पुलिया ध्वस्त हो गई हैं। जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न मार्गों को जोड़ने वाली आठ पैदल पुलिया ध्वस्त हो चुकी हैं। इनमें रैत, नैकाना, फल्टा, नागजोशी, दियारी के अलावा दौलाघट क्षेत्र की रिखे, सिरानी और केस्ता की पुलिया शामिल हैं। पुलिया और रास्ते तहस नहस हो जाने से ग्रामीणों को काफी घूमकर जाना पड़ रहा है। 

सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। भारी बारिश के कारण लोद घाटी में दर्जनों सिंचाई नहरें और पानी की लाइनें भी ध्वस्त हो गई हैं। अधिकांश योजनाओं का मौके पर नामोनिशां मिट गया है। इन्हें दोबारा बनाने के लिए करोड़ों के बजट की आवश्यकता होगी। 

सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। भूकटाव से हो रहे खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बैंगनियां गांव के पांच परिवारों को घर छोड़ने को कहा है। इनमें गोपाल राम, महेश राम, दिवान राम, नंदन राम और किशन राम के परिवार शामिल हैं। एसडीएम विवेक राय ने बताया कि इन परिवारों के रहने के लिए स्थानीय प्राथमिक स्कूल में इंतजाम किया गया है। 

अल्मोड़ा। सोमेश्वर घाटी सहित आसपास के इलाकों में भारी बारिश के बाद कोसी नदी में भी बाढ़ आ गई। एसडीएम विवेक राय ने बताया कि सुबह से कोसी बैराज के पांचों गेट खोले गए हैं। खतरे को देखते हुए लगातार पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। कोसी में बाढ़ के कारण जल संस्थान के दो पंप डूब गए। इस कारण अल्मोड़ा में पानी की आपूर्ति ठप चल रही है। 
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