अल्मोड़ा। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी रोजगार की काफी संभावना है। सरकार वैकल्पिक ऊर्जा को भी बढ़ावा दे रही है। सरकार की 200 मेगावाट क्षमता के पावर प्लांट लगाने की योजना है। इसके लिए उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विभाग (उरेडा) में 40 उद्यमियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। प्लांट लगने के बाद उद्यमी यूपीसीएल को बिजली बेच सकेंगे।
राज्य में बिजली की खपत बढ़ती जा रही है। बिजली की खपत को पूरा करने के लिए सरकार वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोतों को बढ़ावा दे रही है, ताकि उद्यमी आगे आकर सौर ऊर्जा प्लांट लगा सकें। सरकार ने कुल 200 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा पावर प्लांट प्रस्तावित किए हैं। सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के बाद उद्यमी उत्पादित बिजली को यूपीसीएल को भी बेच सकेंगे। इसके लिए उन्हें यूपीसीएल से अनुबंध भी करना होगा। प्लांट लगाने के लिए उद्योग विभाग से 35 फीसदी सब्सिडी भी मिल सकती है। इस योजना के तहत उद्यमी दस किलोवाट से पांच मेगावाट क्षमता तक के प्लांट लगा सकते हैं। पहले चरण में पिछले साल उरेडा निदेशालय ने सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए आवेदन मांगे गए थे। 152 मेगावाट क्षमता के लिए प्लांट लगाने के लिए 40 लोगों ने आवेदन किया था। शेष 48 मेगावाट क्षमता के प्लांट लगाने के लिए सरकार ने पुन: आवेदन मांगे हैं। उरेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी जीएस मल्होत्रा ने बताया कि सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए आवेदनकर्ता को जमीन की व्यवस्था करने के बाद यूपीसीएल से टेक्निकल फिजिबिलिटी रिपोर्ट (टीएफआर) भी लेनी होगी। उसके बाद प्रस्तावों को उद्योग विभाग के पास भेजा जाएगा। इसके बाद ही उद्यमी प्लांट लगाने की कार्यवाही शुरू कर सकेंगे।