वनों के अनियंत्रित दोहन पर चिंता जताई
रानीखेत (अल्मोड़ा)। पूर्व मुख्य वन संरक्षक डॉ. आरबीएस रावत ने बृहस्पतिवार को पर्यावरणविदों के साथ ई बैठक की। उन्होंने वनों की कटाई और जंगल की आग पर चिंता जताई। दिल्ली विवि की मलिका पांडे और कानकॉर्डिया विवि कनाडा के समन्वयक सिद्धार्थ जैन ने ई बैठक का संचालन किया। ई बैठक में पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, पूर्व महानिदेशक (आईसीएफआरई) डॉ. विजयराज रावत, हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी अल्मोड़ा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जीसीएस नेगी आदि ने भाग लिया। पद्म श्री कल्याण सिंह रावत ने कहा कि वन मानव समाज की सामाजिक, आर्थिक और पारिस्थितिकी के लिए जरूरी है। लेकिन वनों के प्रति समाज के नजरिए में व्यापक बदलाव आए हैं, जिस कारण वनों का दोहन थम नहीं रहा है। ब्रिटिश हुक्मरानों ने व्यापारिक हित देखे उन्होंने बांज के वनों के बजाय चीड़ के जंगल विकसित कर दिए। इससे वनों का दोहन हो रहा है। प्रोवोरेस्ट ग्वायर हॉल के प्रो. आरके शर्मा, ग्वायर हॉल दिल्ली के अध्यक्ष शिवा श्रीवास्तव ने भी सहयोग किया। संवाद