अल्मोड़ा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत जिले के निजी, गैर सहायता प्राप्त स्कूलों में प्रथम कक्षा में चालू शिक्षा सत्र में 1336 सीटों के सापेक्ष अब तक 476 ही प्रवेश हुए हैं। 860 सीटें अब भी खाली हैं। शिक्षा विभाग द्वितीय चरण में खाली सीटों को भरने के लिए बृहस्पतिवार 22 जुलाई से पुन: प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर रहा है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम में निजी, प्राइवेट, गैर सहायता प्राप्त स्कूलों में प्रथम कक्षा में 25 फीसदी सीटें अपवंचित (2डी) और कमजोर (2ई) वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। सरकार इन बच्चों को निजी स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराती है। इन बच्चों का खर्च सरकार वहन करती है। जिले के 200 स्कूलों में इन वर्गों के बच्चों के लिए कुल 1336 सीटें आरक्षित हैं। चालू शिक्षा सत्र के प्रारंभ में जिले में 1336 सीटों के सापेक्ष मात्र 608 आवेदन शिक्षा विभाग को प्राप्त हुए थे। इनमें से जांच में 519 आवेदन सही पाए गए थे, जबकि 89 आवेदन निरस्त हो गए थे। लाटरी पद्धति से बच्चों को स्कूलों का आवंटन किया गया, जिसमें से अब तक 476 बच्चों ने ही संबंधित स्कूलों में प्रवेश लिया। जिन बच्चों का चयन पूर्व में हुई लाटरी (चयन प्रक्रिया) में प्रवेश के लिए हो गया है। वह अब पुन: आवेदन नहीं कर सकेंगे।
खाली सीटों को भरने के लिए शिक्षा विभाग अपवंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों को एक और मौका देने जा रहा है। इसके लिए अभिभावकों को बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए 22 जुलाई से 31 जुलाई तक आरटीई की आनलाइन वेबसाइट ://rte121c-ukd.in में जाकर आवेदन करना होगा। पोर्टल पर बच्चे का पंजीकरण कराने के तत्काल बाद पंजीकरण प्रपत्र को निर्धारित अभिलेखों के साथ जांच के लिए संबंधित उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा।
22 जुलाई से चार अगस्त तक प्रपत्रों की जांच की जाएगी। पांच अगस्त को स्कूलों में प्रवेश के लिए लाटरी निकाली जाएगी। छह अगस्त को लाटरी के परिमाण उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चस्पा करने के अलावा पोर्टल पर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। छह अगस्त से 25 अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया चलेगी। यह भी अनिवार्य होगा कि निजी स्कूल प्रवेशित बच्चों की सूची पोर्टल पर अपलोड करेंगे। - एचबी चंद, मुख्य शिक्षा अधिकारी