अल्मोड़ा। तीन दिन हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। मलबा आने से जिले के सात ग्रामीण मार्ग अभी भी बंद चल रहे हैं। बारिश से कोसी, रामगंगा, गगास समेत अन्य नदियों का जल स्तर भी बढ़ गया है। ग्रामीण इलाकों में भी नदी नाले उफान पर हैं।
बारिश से कई स्थानों पर नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर सड़कों में मलबा आ गया है। सड़क किनारे नालियां नहीं खुलने और बरसाती पानी की उचित निकासी की व्यवस्था नहीं होने से पानी सड़कों में बह रहा है। इससे वाहन चालकोें के साथ ही पैदल चलने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लक्ष्मेश्वर-धार की तूनी मार्ग पर पहाड़ी से मलबा गिर रहा है। इस स्थान पर सीवर लाइन का चैंबर भी क्षतिग्रस्त हो गया है। बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताया जा रहा है। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के प्रभारी निदेशक लक्ष्मीकांत ने बताया कि फसलों को बारिश की जरूरत थी। बारिश फसलों के लिए लाभदायक है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी ने बताया कि बंद पड़े मार्गों को खोलने का कार्य प्रगति पर है। जल्द ही बंद सड़कों को खोल दिया जाएगा।
पेड़ गिरने से तीन मार्ग रहे घंटों बंद
अल्मोड़ा। बारिश के बीच चीड़ के पेड़ गिरने से करबला-धारानौला और कोसी-शीतलाखेत मार्ग घंटों बंद रहे। बाद में एसडीआरएफ और पुलिस कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ों को काटकर हटाया। इसके बाद इन सड़कों में यातायात सुचारु हो सका।
क्वारब-बेस मार्ग में सुबह 5:30 बजे चीड़ का बड़ा पेड़ गिर गया। इस पर वाहनों को मालरोड और धारानौला मार्ग होते हुए गंतव्य को भेजा गया। फायर कर्मियों ने पेड़ काटकर 6:45 बजे मार्ग को यातायात के लिए खोला। क्वारब-धारानौला मार्ग में दुगालखोला पर दोपहर 1:40 बजे चीड़ का पेड़ गिर गया। दोपहर 2:10 बजे मार्ग यातायात खोला गया। वहीं चंपाखाली बैैंड के निकट पास 2:30 बजे पेड़ गिरने से अवरुद्ध हुआ कोसी-शीतलाखेत मार्ग शाम चार बजे खोला गया।
जिले में बंद पड़े सात ग्रामीण मार्ग
- दशौला-मटेला।
- जयंती-पीपली।
- द्वाराहाट-भगतोला।
- दन्यां-आरा सल्पड़।
- सौधार-पनुवाद्योखन।
- पैसिया-मल्ला गड़कोट।
- वल्मरा-तल्ली चनोली
झिमार में सड़क धंसने से रामनगर-डटियाल मार्ग छह घंटे रहा बंद
मौलेखाल। क्षेत्र में दो दिन से लगातार हो रही बारिश से रामनगर-डोटियाल मार्ग में झिमार के पास सड़क धंस गई। इससे छह घंटे गाड़ियों जाम में फंसी रही और लंबा जाम लग गया। बाद में पीएमजीएसवाई ने जेसीबी मौके पर भेजी और पहाड़ी का कटान किया। तब जाकर दिन में ग्यारह बजे मार्ग पर यातायात सुचारु हुआ।
झिमार के पास सड़क का काफी हिस्सा धंस गया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने बताया कि सुबह पांच बजे से सड़क धंसने से सड़क पर जाम लग गया। इसकी सूचना लोनिवि रानीखेत को दी गई, लेकिन लोनिवि रानीखेत का कोई भी अधिकारी, कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में पीएमजीएसवाई झिमार डिवीजन के कर्मचारियों ने विभाग की जेसीबी मशीन लाए और पहाड़ी का कटान कर सड़क को चौड़ा किया गया। इसके बाद मार्ग में आवागमन शुरू हो गया। लोगों का कहना है कि आपदा से बंद होने वाली सड़कों को खोलने के लिए निविदाएं कराई गई हैं, लेकिन सड़कों को समय पर नहीं खोला जा रहा है। इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।