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तो भैरव बाबा से नाराज होकर भक्त युवक ने ही शिवलिंग कर लिया था चोरी

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पुलिस टीम की गिरफ्त में शिवलिंग चोरी का आरोपी। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : RANIKHET
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। पुरातात्विक महत्व के प्राचीन महामृत्युंजय मंदिर के भैरव मंदिर से शिवलिंग चोरी की घटना का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपी चितैलीगाड़ चित्रेश्वर निवासी 24 वर्षीय युवक भैरव भक्त निकला। आरोपी का कहना है कि तमाम कोशिशों के बाद भी जब उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो भैरव बाबा के प्रति मन में आक्रोश बढ़ गया। पहले उसने शिवालय से भैरव मूर्ति और तीन चिम्टे चुराए, इसके बाद शिवलिंग का ऊपरी भाग खंडित किया और फेंक दिया।
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बता दें कि महामृत्युंजय मंदिर के अंतर्गत भैरव मंदिर से शिवलिंग का ऊपरी भाग खंडित कर उसे चुरा लिया गया था। सूचना के बाद पुलिस मुस्तैद हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी पंकज भट्ट ने स्वयं कमान संभाली और एसओजी टीम के अलावा पुलिस बल तैनात कर मामले के खुलासे में जुट गए। क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चैक की गई। सभी मंदिरों के आसपास के रास्तों को चैक किया गया, पुरातत्व अधिकारियों, संरक्षकों से पूछताछ की गई। संदिग्ध गतिविधियों में युवक दौड़ता पाया गया। द्वाराहाट पुलिस और एसओजी टीम ने काफी मशक्कत की। वीडियो फुटेज में कपड़े, जूते, बैग का मिलान किया गया।
इसी आधार पर पुलिस टीम 24 वर्षीय युवक चित्रेश्वर चितैलीगाड़ निवासी तारा सिंह पुत्र नारायण सिंह राणा तक जा पहुंची। पूछताछ में तारा सिंह ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। उसने बताया कि नौ फरवरी को उसने पास के ही एक शिवालय से भैरव बाबा की मूर्ति और तीन चिमटे चुराए और गांव में पुल के नीचे छिपा दिया। 10 फरवरी को सुबह बाल कटाने के बहाने घर से निकला, बाजार आकर भैरव मंदिर में माथा टेका। शिवलिंग के ऊपरी भाग को जोर लगाकर तोड़ दिया। शिवलिंग, मूर्ति, चिम्टों को उसने चौखुटिया के बाखली गांव में गटर में फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि सभी सामग्री बरामद हो गई है। विवेचना अधिकारी एसआई गौरव जोशी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पैर दर्द के निवारण के लिए बना था भैरव भक्त
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। शिवलिंग चोरी की घटना का आरोपी तारा सिंह ने बीएससी कक्षा उत्तीर्ण की है। घटना को क्यों अंजाम दिया गया, इसको लेकर आरोपी ने अजीबो गरीब कहानी सुनाई है। उसने पुलिस को बताया कि जब वह 11वीं कक्षा में पढ़ रहा था तो उसके पैरों में काफी दर्द रहता था। स्थानीय मान्यता के अनुसार उसने पूछ आदि कराई। उसे बताया गया था कि भैरव बाबा की पूजा करके दर्द सही हो जाएगा। 11वीं कक्षा से ही वह भैरव मंदिर में पूजा अर्चना करता था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसके पैरों का दर्द जस का तस रहा। दर्द तो ठीक नहीं हुआ तबियत और बिगड़ने लगी। समस्या का निराकरण नहीं होने के कारण ही उसके मन में भैरव बाबा के प्रति आक्रोश उत्पन्न हो गया और भैरव की मूर्ति को ही फैंक देने का मन बना लिया। उसने बताया कि आक्रोश में आकर एक शिवालय से भैरव की मूर्ति, चिम्टे चुराए, जबकि महामृत्युंजय मंदिर के भैरव मंदिर से उसने शिवलिंग का ऊपरी भाग चुरा लिया। गिरफ्तारी टीम में एसओजी उप निरीक्षक नीरज भाकुनी, कांस्टेबल दिनेश, कांस्टेबल दीपक खनका, कांस्टेबल मनमोहन, भूपेंद्र पाल, प्रभारी थानाध्यक्ष गौरव जोशी, कांस्टेबल नारायण, कांस्टेबल दीपक आदि शामिल रहे।
पुलिस टीम पर इनामों की हुई बौछार
द्वाराहाट। बता दें कि महा मृत्युंजय मंदिर में लोगों की अगाध श्रद्धा है। शिवलिंग चोरी होने की घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान पंकज भट्ट को स्वयं कमान संभालनी पड़ी। पुलिस अधिकारी भी कप्तान के भरोसे पर खरा उतरे और 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस और एसओजी टीम की पीठ थपथपाते हुए विधायक महेश नेगी ने 25 सौ, आईजी कुमाऊं अजय रौतेला ने पांच हजार, कप्तान पंकज भट्ट ने 25 सौ, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि रौतेला ने 25 सौ रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
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