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रात भर बारिश के बाद बिनसर और जागेश्वर में फिर गिरी बर्फ

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बिनसर में शुक्रवार रात को गिरी बर्फ के बाद का दृश्य। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा/सोमेश्वर/धौलछीना। जिले में शुक्रवार शाम से रात भर बारिश रही। तेज हवा चलने के साथ बारिश के बीच ऊंचाई वाले क्षेत्र जागेश्वर और बिनसर में बर्फबारी भी हुई है। इससे पहले शाम को ओलावृष्टि से ग्रामीण अंचलों में किसानों की खेती को काफी नुकसान पहुंचा। बारिश और ओलावृष्टि से पूरे जिले में कड़ाके की सर्दी हो रही है। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश 55 एमएम जागेश्वर में रिकार्ड की गई।
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शुक्रवार दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और शाम से रातभर लगातार बारिश हुई। इस दौरान तेज हवा भी चली और कुछ देर तक हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा। रात में बिनसर और जागेश्वर में बर्फबारी के बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम छह डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इधर पिछले 24 घंटे में अल्मोड़ा में 33.5, रानीखेत में 25, सोमेश्वर में 50, सल्ट 31, चौखुटिया 25, द्वाराहाट में 24, जोगेश्वर 55 एमएम बारिश हो चुकी है। शनिवार को भी मौसम साफ नहीं हुआ और सुबह बारिश के बाद दिनभर बादल छाए रहे।
ओलावृष्टि से फसलें तबाह, अब मुआवजे का इंतजार
धौलछीना (अल्मोड़ा)। शुक्रवार को बारिश के साथ ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे पहले 29 फरवरी को धौलछीना क्षेत्र के लगभग एक दर्जन गांवों दियारी, पल्यूं, कांचुला, दियारी, बबुरियानायल, रूपीकूडा, धौनी, खांकरी, उटियां आदि में भारी ओलावृष्टि के बाद सैकड़ों किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। बर्बाद हुई फसल में प्याज, लहसुन, आलू, मसूर, सरसों, गेहूं, जौ, मटर, बंद गोभी, फूल गोभी, धनिया के अलावा मौसमी सब्जियां भी शामिल हैं। बर्बाद फसल का मुआवजा नहीं मिलने से किसानों में नाराजगी है। दियारी के किसान पूरन सिंह, शेर सिंह, हरीश सिंह ने बताया की गेहूं, सरसों, आलू, प्याज, लहसुन, धनिया आदि की फसल बर्बाद हो गई है। कलौन के किसान भूपाल सिंह, चंद्र सिंह ने बताया कि कृषि विभाग तथा राजस्व विभाग की टीम ने गांव आकर किसानों के नुकसान का सर्वे भी कर लिया है। सर्वे के अनुसार 126 हेक्टेयर भूमि पर फसल पूरी तरह से तबाह हो चुकी है। कांचुला गांव की महिला काश्तकार बसंती देवी ने बताया कि उन्होंने इस बार बडी मात्रा में प्याज, धनिया और लहसुन बोया था, फसल भी अच्छी हुई थी लेकिन फसल समेटने से पहले ही ओलों ने सब बर्बाद कर दिया। किसानों का कहना है विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने भी आपदा से प्रभावित गांवों का दौरा कर उचित मुआवजा दिलवाए जाने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक कुछ नहीं मिला।
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