उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने विद्युत दरों पर जन सुनवाई करते हुए कहा कि उत्तराखंड पूरे देश में सबसे कम मूल्य में बिजली देता है। उन्होंने प्राप्त आपत्तियों और सुझावों के बारे में आयोग द्वारा संज्ञान लेते हुए त्वरित निस्तारण की बात कही। उन्होंने बताया कि प्रदेश के दोनों मंडलों के आयुक्तों को पत्र भेजकर हिमाच्छादित क्षेत्र को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं ताकि उन क्षेत्रों में विद्युत दरों में छूट दी जा सके।
पालिका सभागार में जन सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि विद्युत व्यवसाय के विनियमन और विद्युत दरों के निर्धारण के लिए प्रदेश में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नियमित रूप से विद्युत आपूर्ति बनी रहे इसके लिए दीर्घकालिक योजना तैयार की जा रही है ताकि प्रदेश को विद्युत वितरण के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हिमाच्छादित क्षेत्र को चिन्हित कर उन क्षेत्रों में विद्युत दरों में छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि विद्युत दरों में जन सुनवाई के लिए कुमाऊं में अल्मोड़ा और रुद्रपुर और गढ़वाल में देहरादून और टिहरी को चुना गया है।
इस दौरान प्राप्त शिकायतों, सुझावों पर उन्होंने अप्रैल तक निर्णय लेने की बात कही। लोगों ने विभाग में बिजली चोरी के लिए उड़नदस्ता टीम का गठन करने, विद्युत दरों में पर्वतीय क्षेत्रों को छूट देने, बिजली कर्मचारियों को मुफ्त में बिजली नहीं देने और लाइनों को भूमिगत करने की मांग की। अध्यक्ष ने सुझावों पर अमल करने की बात कही। पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने जल विद्युत परियोजनाओं पर ध्यान देने के अलावा पालिका क्षेत्र में 300 विद्युत पोल देने की मांग की। यूपीसीएल के निदेशक अतुल अग्रवाल ने बताया कि विद्युत दरों की दरें बढ़ाई जानी प्रस्तावित हैं, लेकिन लोगों के सुझाव के बाद इसमें संशोधन किया जाएगा। इस अवसर पर निदेशक पिटकुल एसके शर्मा, मुख्य अभियंता यूपीसीएल कुमाऊं एचके गुरुरानी, वाणिज्य एके सिंह, एनसी तिवारी, तरुण कुमार, एलएम बिष्ट, एसपी आर्या, डीएस पांगती, मनोज तिवारी, दीपक पांडे के अलावा आनंद बगडवाल, गिरीश चंद्र, जीएल वर्मा, अख्तर हुसैन, प्रताप सत्याल, पूरन चंद्र तिवारी, आरएस साही, पीसी तिवारी, श्याम लाल साह, आनंद सिंह ऐरी, टीएस कालाकोटी आदि कई लोग मौजूद थे।