अल्मोड़ा। पहाड़ के तीन जिलों की लाइफ लाइन क्वारब में एक सप्ताह बाद छोटे वाहन चले लेकिन बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही अभी भी बंद है। यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों से सफर करना पड़ रहा है।
अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों की लाइफ लाइन क्वारब में एक सितंबर को पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ गए थे। इस कारण एनएच छोटे-बड़े वाहनों के लिए बंद हो गया था। सभी वाहन 47 किमी का फेरा लगाकर वाया रानीखेत के रास्ते आवाजाही कर रहे थे।
विज्ञापन
इससे यात्रियों को केमू बस में 100 रुपये और टैक्सी में 200 रुपये अतिरिक्त किराया चुकाना पड़ रहा था। कई यात्री काठगोदाम समय पर नहीं पहुंच रहे थे जिस कारण उनकी ट्रेनें छूट जा रही थीं। एक सप्ताह के बाद रविवार को क्वारब में हाईवे छोटे वाहनों के किए खोल दिया गया है। इससे छोटे वाहन चालकों और यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
हाईवे पर बड़े और भारी वाहनों के प्रवेश पर अभी भी रोक है। इन वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से आवाजाही करनी पड़ रही है। इससे लोगों को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।