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लोकार्पण बाद भी नाट्य अकादमी में सन्नाटा

Thu, 12 Nov 2015 10:57 PM IST
दीप जोशी/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
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नृत्य सम्राट स्व. उदय शंकर की स्मृति में अल्मोड़ा में राष्ट्रीय संगीत नाट्य अकादमी के भवन का शिलान्यास 2002 में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था। समय पर पर्याप्त बजट नहीं मिलने के कारण कई बार भवन का निर्माण कार्य बंद भी होता रहा और काफी मुश्किलों के बाद आखिरकार 13 साल में भवन बनकर पूरा हो सका।
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बीते दिनों गुरुड़ाबांज में आयोजित राज्योत्सव के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के हाथों नाट्य अकादमी का लोकार्पण भी कर दिया गया है, लेकिन आज भी बाउंड्रीवॉल, गेट समेत कुछ काम अधूरे हैं। हालत यह है कि इस संस्थान में किस तरह के प्रशिक्षण चलेंगे इस बारे में भी संस्कृति विभाग अब तक कोई निर्णय नहीं ले सका है।

अल्मोड़ा विश्वविख्यात नृत्य सम्राट स्व. उदय शंकर की कर्म भूमि रही है। उन्होंने अल्मोड़ा में 1938 में द उदय शंकर कल्चर सेंटर की स्थापना की और 1938 से 1943 तक इस सेंटर को यहां चलाया। बाद में भी उनका अल्मोड़ा आना-जाना लगा रहा, लेकिन अल्मोड़ा में स्थायी कल्चर सेंटर बनाने का उनका सपना अधूरा रह गया।
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उदय शंकर के इस सपने को पूरा करने के लिए बाद में उनकी पत्नी अमला शंकर ने प्रयास किए। उन्हीं के आग्रह पर 2002 में तत्कालीन केंद्रीय पर्यटन मंत्री जगमोहन ने अल्मोड़ा में राष्ट्रीय संगीत नाट्य अकादमी के निर्माण को मंजूरी दी। अकादमी के भवन की आधारशिला अक्तूबर 2002 में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने रखी।

राष्ट्रपति द्वारा शिलान्यास करने के बावजूद इस भवन के निर्माण में शुरू से ही दिक्कतें हुई। तब भवन निर्माण की समय सीमा अक्तूबर 2005 रखी गई थी। शुरू से ही इस भवन का निर्माण कार्य समय-समय पर रुकता रहा। करीब आठ करोड़ रुपये खर्च होने के बाद अंतिम चरण के कार्य के लिए धन कम पड़ गया।

काफी मुश्किलों के बाद अब भवन का काम तो पूरा हो चुका है। बीते दिनों गुरुड़ाबांज में आयोजित राज्योत्सव में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के हाथों इसका लोकार्पण भी करवा दिया गया, लेकिन आज भी बाउंड्री वॉल, गेट समेत कुछ काम अधूरे हैं।

स्थिति यह है कि इस संस्थान में किस तरह के प्रशिक्षण चलेंगे इस बारे में भी संस्कृति विभाग अभी कोई निर्णय नहीं ले सका है। कहीं ऐसा न हो कि लोकार्पण के बाद भी वहां सन्नाटा छाया रह जाए।
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 इधर संस्कृति विभाग की निदेशक वीना भट्ट का कहना है कि संस्थान को संचालित करने और वहां कोर्स आदि शुरू करने के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।
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