आतिशबाजी के दामों में पिछले साल की अपेक्षा इस बार पंद्रह से लेकर तीस फीसदी तक की बढ़ोतरी थी। इसके बावजूद इस दीपावली में जिले के नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में करीब दो करोड़ की आतिशबाजी की बिक्री का अनुमान है। नगर और ग्रामीण इलाकों में देर रात तक अनार, राकेट, रंग बिरंगी रोशनी से आसमान जगमग रहा।
देर रात तक पटाखों की आवाज गूंजती रही। आतिशबाजी के धुंआ पर्यावरण के लिए काफी घातक है। दीपावली पर्व पर भारी मात्रा में पटाखे छोड़े जाने से प्रदूषण की मात्रा भी काफी बढ़ जाती है। हालांकि अल्मोड़ा में प्रशासन और पालिका ने इस दौरान प्रदूषण जांचने को कोई व्यवस्था नहीं की थी।
महालक्ष्मी के दिन बाजारों में काफी भीड़ थी। दीप पर्व के बाद गुरुवार और शुक्रवार को अल्मोड़ा नगर का बाजार बंद रहेगा। अवकाश के चलते बाजार में चहल पहल नहीं थी। दीपावली की रात में पटाखे आदि से बाजार, गलियों और रास्तों में काफी कूड़ा जमा था, गुरुवार सुबह से ही पालिका कर्मी सफाई में जुटे रहे।
इससे गंदगी से निजात मिली। नगर औेर ग्रामीण इलाकों में कहीं पर भी जुए के फड़ लगने की शिकायत नहीं मिली। कोतवाल संजय गर्ब्याल ने बताया कि कोई अप्रिय घटना अथवा गैर कानूनी कृत्य होने की सूचना नहीं है।
108 कंट्रोल रूम देहरादून से मिली जानकारी आतिशबाजी जलाने के दौरान जिले के किसी भी क्षेत्र से दुर्घटना बारे के बारे कॉल नहीं आई।
अल्मोड़ा में इन दिनों मौसम साफ है। सुबह से लेकर देर साम तक अच्छी धूप खिल रही है। गुरुवार को भी आसमान में धूप खिली रही।