जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जीआईसी स्यालीधार में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में विद्यार्थियों को बाल श्रम, नाल्सा स्कीम, मजदूरों के कानूनी अधिकार विषय पर जानकारी दी गई। अध्यक्षता करते हुए प्राधिकरण के सचिव डा. शेष चंद्र ने कहा कि विकास को गति देने के लिए साक्षरता की अहम भूमिका है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समाज में साक्षरता लाने के लिए कारगर माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ मित्रता पूर्ण व्यवहार जरूरी है। संविधान में बच्चों के संरक्षण के लिए कई अधिकार हैं।
उन्होंने विभिन्न मामलों को लोक अदालत के माध्यम से निपटाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में ज्यादातर श्रम कानून लागू नहीं होते हैं। इसमें काम करने वालों की दशा दयनीय है। श्रमिकों को न तो सुनिश्चित रोजगार मिलता है और ना ही उनको सही वेतन मिलता है। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे कामगारों को पंजीकरण के लिए सहायता और सलाह दी जाए। इस मौके पर वक्ताओं ने अभिभावकों से अपने बच्चों को बाल विवाह, बाल श्रम जैसी बुराइयों से दूर रखने का आह्वान किया। उन्होंने नैतिक और कानूनी शिक्षा पर जोर दिया। इस अवसर पर प्राधिकरण की ओर से सरल कानूनी ज्ञान माला पुस्तकों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में दीपा आर्या, भावना आर्या, लक्षिता बिष्ट, सुनीता रानी आदि मौजूद थे।