नगर में लावारिस घूमने वाले पशुओं को हटाने के लिए प्रशासन ने दो दिन बाद अभियान चलाने का निर्णय लिया है। ऐसे पशुओं को प्रशासन द्वारा बाजपुर स्थित पशु सदन भेजा जाएगा। बाजपुर भेजे जाने के बाद पशु स्वामियों को अपने पशुओं को वापस मंगाना काफी महंगा साबित होगा। प्रशासन ने लोगों से किसी प्रकार की दिक्कत से बचने के लिए अपने पशुओं को बांधकर रखने को कहा है।
मालूम हो कि नगर में काफी समय से लावारिस पशुओं का आतंक बना हुआ है। मालरोड समेत बाजार और गलियों में पशुओं के घूमने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। कई बार बीच सड़क या बाजार में खड़े पशु लोगों पर भी हमला कर देते हैं। लोगों का कहना है कि कई लोग बाहरी इलाकों से भी कुछ सांड़ और अन्य पशुओं को यहां छोड़ गए हैं। कई स्थानीय लोग भी अपने पालतू पशुओं को बाजार और सड़कों में छोड़ देते हैं। प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए लावारिस पशुओं को शहर से हटाने की तैयारी शुरू कर दी है।
एसडीएम विवेक राय ने बताया कि नगर में घूमने वाले पशुओं को वाहनों के जरिए बाजपुर स्थित पशु सदन में भेजा जाएगा। उन्होंने पशु स्वामियों से अपने पशुओं को खुला नहीं छोड़ने को कहा है। उन्होंने बताया कि एक बार पशु पकड़ने और उसे बाजपुर स्थित पशु सदन भेजने के बाद पशु स्वामियों को अपने जानवर वापस पाने में काफी दिक्कतें आएंगी। क्योंकि पशु स्वामी को अपने पशु खुद वहां से लाने होंगे और साथ ही जितने दिन पशु गौ सदन रहेंगे उनके रहने और चारा आदि का खर्चा भी पशु स्वामी को ही देना होगा। उन्होंने लोगों से अपने पशुओं को बांधकर रखने को कहा है। एसडीएम ने बताया कि यह अभियान आगे भी चलता रहेगा।