जिले के शहरफाटक कस्बे में आबादी तो लगातार बढ़ रही है लेकिन कस्बे में अन्य सुविधाएं तो दूर सार्वजनिक शौचालय तक नहीं बन सका है। कस्बे की नालियां भी बंद पड़ी हैं। इस कारण अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत जिलों सहित अन्य स्थानों को आने जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
शहरफाटक कस्बे से अल्मोड़ा, हल्द्वानी, नैनीताल, चंपावत, देवीधूरा, रीठा साहिब आदि स्थानों को हर रोज सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। तीन जिलों को जोड़ने वाला यह कस्बा आज भी उपेक्षा का दंश झेल रहा है। बाजार में एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है। इससे खासकर महिला यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क के आसपास खुले स्थान पर शौच करने से जगह-जगह गंदगी हो रही है। इस कारण रोग फैलने की भी आशंका बनी रहती है।
कई स्थानों पर सड़क की नालियां लंबे समय से बंद पड़ी हैं। जिससे स्कूली बच्चों, राहगीरों और पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि आजादी के कई साल बाद भी सरकारों ने क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए ठोस प्रयास नहीं किए। क्षेत्र के लोग बाजार में सार्वजनिक शौचालय बनाने की मांग काफी लंबे समय से करते आ रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन उदासीन बना हुआ है।