हवलदार शिवराज सिंह को अंतिम सलामी देते सिख रेजीमेंट के जवान।
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छह महर रेजीमेंट सियाचिन में तैनात मल्ला खोली गांव निवासी हवलदार शिवराज सिंह बोरा (38) का कमांड अस्पताल चंडीगढ़ में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह हैपो बीमारी से पीड़ित थे। आज उनका शव मल्ला खोली गांव लाया गया। सैन्य सम्मान के साथ स्थानीय श्मशानघाट दौलीबगड़ में उनकी अंत्येष्टि कर दी गई। शोक में सुबह शवयात्रा निकलने के दौरान सोमश्वर बाजार बंद रहा।
हवलदार शिवराज सिंह बोरा सियाचीन द्वितीय ग्लेशियर में तैनात थे। नौ मार्च को उनका हैपो बीमारी के चलते अचानक स्वास्थ्य बिगड़ गया और उन्हें हेलीकॉप्टर से पहले प्रतापपुर अस्पताल लाया गया। बाद में 10 मार्च को चंडीगढ़ कमांड अस्पताल में भर्ती किया गया। इस दौरान उनकी पत्नी सुनीता देवी, पिता गोविंद सिंह बोरा और दो बच्चे भी उनके साथ ही थे। जहां 12 मार्च को उपचार के दौरान शिवराज की मौत हो गई।
छह महर रेजीमेंट के सूबेदार प्यार सिंह, सीएचएम उमेश सिंह बिष्ट परिजनों के साथ बृहस्पतिवार सुबह उनका शव लेकर मल्लाखोली गांव पहुंचे। गांव में पत्नी सुनीता देवी और माता सरस्वती देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। इससे माहौल काफी गमगीन हो गया।
सुबह गांव से शवयात्रा शुरू हुई। दौलीबग श्माशन घाट में 13 सिख रेजीमेंट के नायब सूबेदार प्रकट सिंह, हवलदार गुरुचीत के नेतृत्व में जवानों ने शिवराज सिंह बोरा को सलामी दी। चिता को चाचा हरीश सिंह बोरा और दलीप सिंह बोरा ने मुखाग्नि दी। शवयात्रा में ब्लॉक प्रमुख दीपक बोरा, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, ज्येष्ठ उप प्रमुख राजेंद्र कैड़ा, पूर्व सैनिक राम सिंह, बहादुर सिंह, व्यापार संघ अध्यक्ष आंनद सिंह, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष दीवान सिंह राणा, डॉ. आनंद तिवारी, एसओ दौलत राम वर्मा, एसआई हरीश महर, लाल सिंह बजेठा आदि शामिल हुए।