अल्मोड़ा। मकर संक्रांति के अवसर पर आज जिले में घर-घर में घुघुते बनाए जाएंगे। स्थानीय नदियों के संगम पर लोग स्नान कर दान और पूजा-पाठ करेंगे।
ज्योतिषाचार्य डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया 11 साल बाद उत्तरायणी पर्व के दिन षटतिला एकादशी पड़ रही है। मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी एक ही दिन होने से अक्षय पुण्य फलदायक है। इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों का फल लंबे समय तक मिलेगा।
मकर संक्रांति पर खिचड़ी दान और ग्रहण करने पर लोगों में संशय बना हुआ है। मकर संक्रांति पर गंगा स्नान, पूजन, खिचड़ी दान अन्न दान करने का प्रचलन है जबकि एकादशी व्रत में चावल खाना निषेध माना गया है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि मकर संक्रांति होने के कारण चावल दान किया जा सकता है। मकर संक्रांति से भगवान सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करते हैं। इस कारण सभी मांगलिक कार्य उत्तरायण से शुरु हो जाते हैं। इस बार शुक्रास्त होने से जनवरी माह में विवाह लग्न नहीं होंगे।