शासनादेश की प्रतियां जलाते उपपा कार्यकर्ता।
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उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी कार्यकर्ताओं ने नानीसार में जिंदल ग्रुप को गैरकानूनी रूप से भूमि देने का आरोप लगाते हुए इस संबंध में शासनादेश जारी करने के एक साल पूरा होने पर यहां चौघानपाटा गांधी पार्क में धरना दिया। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने शासनादेश की छाया प्रतियां जलाकर विरोध जताया। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने हरीश रावत सरकार पर लोगों के उत्पीड़न का आरोप लगाया।
उपपा कार्यकर्ता गांधी पार्क में एकत्र हुए और धरना दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने सरकार द्वारा जिंदल ग्रुप को भूमि आवंटन के संबंध में जारी शासनादेश की छाया प्रतियां जलाईं। सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि 22 सितंबर 2015 को हरीश रावत सरकार ने जिंदल ग्रुप के पक्ष में गैर कानूनी रूप से भूमि देने का शासनादेश जारी कर पूरे राज्य को शर्मशार कर दिया था। उपपा के आंदोलन को नानीसार मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री के माफिया परस्त चेहरे को जनता के सामने लाने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य में पूंजीपतियों और माफियाओं को कौड़ियों के भाव जमीन आवंटित की गई हैं।
दूसरी तरफ राज्य में भूमिहीन, दलितों, आपदा पीड़ितों और विस्थापितों को सरकार भूमि आवंटन नहीं कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नानीसार मामले में कांग्रेस और भाजपा दोनों की कथनी और करनी में अंतर साफ हो गया है। सभा में जीवन चंद्र, केंद्रीय सचिव आनंदी वर्मा, अमीनुर्रहमान, अनूप तिवारी, अनिल कुमार, देवीलाल साह, प्रकाश चंद्र, डा. जेसी दुर्गापाल, दीपक सुयाल, जिला पंचायत सदस्य और उपपा जिलाध्यक्ष नारायण सिंह रावत, अजय तिवारी, भुवन जोशी, अनीता बजाज, रेखा धस्माना, पुष्पा गोस्वामी, ललित चौधरी आदि ने विचार रखे।