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एड्वा का जिला सम्मेलन

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अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एड्वा) के पालिका सभागार में हुए जिला सम्मेलन में मंचासीन प्रांती? - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) के पालिका सभागार में हुए जिला सम्मेलन में प्रांतीय अध्यक्ष इंदु नौड़ियाल ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ रही यौन हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताई।
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उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में महिलाओं के खिलाफ विशेषकर यौन अपराध बढ़े हैं।
मोदी सरकार ने दो सालों से महिला अपराधों के आंकड़े जारी नहीं किए हैं। उत्तराखंड में भी दलितों, महिलाओं, मासूम बच्चों को हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है। शेल्टर गृहों में राजनीतिक संरक्षण के चलते यौन अपराधों की भयावह स्थिति है। भाजपा विधायक कुलदीप और चिन्मयानंद जैसे तमाम गंभीर मामलों का संज्ञान सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद लिया गया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दे हाशिये पर चले गए हैं। महिला आरक्षण बिल पर उदासीन बरती जा रही है।
प्रांतीय सचिव सुनीता पांडे ने कहा कि राज्य बनने के बाद बेरोजागरी और पलायन बढ़ा है। महिलाएं खेती में पूरा योगदान दे रही हैं। इसके बावजूद उनको कृषक के तौर पर मान्यता नहीं है। सम्मेलन में पंचायत राज एक्ट के अन्यायपूर्ण संशोधन पर चर्चा हुई। संचालन करते हुए निवर्तमान जिला सचिव नलिनी पंत ने तीन वर्षों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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सम्मेलन में डॉ. मंजू बिष्ट, ममता बिष्ट, भावना पांडे, अजरा परवीन ममता ध्यानी, सुनीता नायक, हंसी देवी, सीमा आर्या, ललिता रावत, रेशमा परवीन, लाईबा, नीलम आर्या, शकुंतला आर्या, हेमलता पाल, जयंती थापा, सुनीता राणा, पार्वती थापा, गंगा देवी आदि ने भाग लिया। 24 से 25 सितंबर को प्रस्तावित राज्य सम्मेलन के लिए तीन सदस्य प्रतिनिधिमंडल में पूनम नेगी, मुन्नी प्रसाद, प्रभा पांडे को शामिल किया गया।
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