नीलकंठेश्वर मंदिर परिसर में स्थापित की गई शनि शिला। अमर उजाला
- फोटो : RANIKHET
रानीखेत (अल्मोड़ा)। आबकारी स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर परिसर में डेढ़ टन वजनी शनि शिला स्थापित कर दी गई है। शीघ्र ही इसकी प्राण प्रतिष्ठा होगी, इसके बाद शनिदेव के भक्तगण यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना कर सकेंगे। यह शनि शिला पूरे क्षेत्र में एकमात्र बड़ी शनि शिला है। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इसे स्थापित किया जा सका है।
आबकारी स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर में अब शनि के भक्तगण नियमित रूप से शनि महाराज की पूजा कर सकेंगे। 14 क्व़िटल वजनी साढ़े सात फुट की यह शिला जयपुर से मंगाई गई है। पेट्रोल पंप के स्वामी चितरंजन मंगोली के सहयोग से इस शिला को स्थापित किया गया है।
सुबह शिला को मंदिर परिसर तक लाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। पांच घंटे की मशक्कत के बाद इस शिला को यहां मंत्रोच्चार के साथ स्थापित किया गया। अब शिला में प्राण प्रतिष्ठा होगी। इसका मुहूर्त भी शीघ्र निकाला जाएगा। मंदिर कमेटी ने श्री मंगोली सहित तमाम लोगों का आभार जताया।
इस अवसर पर छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी, पूर्व उपाध्यक्ष मुकेश फर्त्याल, गिरीश भगत, जेसी पांडे, बसंत नेगी, कुंदन गिरी गोस्वामी, गणेश पांडे, कर्नल आरके भंडारी, मदन रौतेला, विजय पांडे, हरीश चंद्र वर्मा, एडवोकेट सीपी पांडे सहित तमाम लोगों ने सहयोग किया।