अल्मोड़ा। सिविल जज सीनियर डिविजन न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एनआई एक्ट में एक व्यक्ति को तीन माह के साधारण करावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना पड़ेगा।
तुलेड़ी जलना निवासी आनंद सिंह ने सत्यूं लमगड़ा निवासी दीपक सिंह सतवाल के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर कराया था। उनका कहना था दीपक सिंह सतवाल के साथ उनके पारिवारिक संबंध हैं। उनके बीच रुपये का लेन-देन चलता रहता था। दीपक सिंह ने उनसे 180000 रुपये 15 दिन में लौटाने बात कहकर लिए थे। आठ माह बीतने के बाद जब उनसे रुपये वापस मांगे तो छह दिसंबर 2023 को उन्होंने एसबीआई लमगड़ा का चेक दिया। चेक लेकर वह बैंक गए तो उनके खाते में रुपये नहीं थे। तब दीपक सिंह सतवाल ने उन्हें कुछ दिन रुकने की बात कही थी।
18 दिसंबर को फिर वह बैंक गए तो बैंक ने चेक उन्हें वापस लौटा दिया और कहा कि उनके खाते में रुपये नहीं है। फिर वह पांच फरवरी 2024 को बैंक गए तो बैंक ने चेक अनादरित कर दिया और चेक बाउंस हो गया। सिविल जज सीनियर डिविजन रवींद्र देव मिश्रा ने दीपक सिंह सतवाल को धारा-138 एनआई एक्ट में तीन माह के साधारण कारावास और 192000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर उन्हें 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना पड़ेगा। 190000 रुपये परिवादी को देने और 2000 रुपये राज्य सरकार के खाते में जमा करने के आदेश दिए।