अल्मोड़ा। विशेष सत्र न्यायाधीश प्रदीप पंत की अदालत ने एनडीपीएस एक्ट में दोषी सतीश कुमार चेला पुत्र तारा चंद्र निवासी 348 दरियाकला थाना बवाना नार्थ वेस्ट दिल्ली और सुमित कुमार पुत्र तिलक राम हाल निवासी हदरियाकला थाना बवाना नार्थ वेस्ट दिल्ली (मूल निवासी गोकुलनगर पो. थाना हसनपुर जिला मेरठ) को चार-चार साल की सजा और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्तों को छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी।
12 सितंबर 2018 को थानाध्यक्ष लमगड़ा राजेंद्र सिंह बिष्ट पुलिस कर्मियों के साथ 12:30 बजे देवीधूरा रोड में ग्राम खांकर को जाने वाले रास्ते के तिराहे पर आने-जाने वाले व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। खांकर से दो व्यक्ति पैदल आते हुए दिखाई दिए। दोनों पुलिस को देखकर घबरा गए और पीछे की ओर भागने लगे। पुलिस ने दोनों का पीछा किया और सौ मीटर दूर पकड़ लिया।
दोनों व्यक्तियों से भागने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि उनके बैग में चरस और गांजा है। पुलिस ने तलाशी में आरोपी सतीश कुमार चेला के काले रंग के बैग से चरस और गांजा, सुमित कुमार के पास प्लास्टिक की थैली में रखी चरस बरामद की।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को 8/20/22 एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह मामला विशेष शत्र न्यायाधीश प्रदीप पंत की अदालत में चला। अभियोजन की ओर से प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैल्वाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) हरीश मनराल ने न्यायालय में आठ गवाह परीक्षित कराए। दोनों आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट में आरोप सिद्ध हुआ।