द्वाराहाट। नगर पंचायत के विद्यापुर वार्ड निवासी और ओएनजीसी से चीफ इंजीनियर पद से सेवानिवृत्त शंकर लाल साह की नवीनतम किताब यादों के झरोखों से में उनकी जीवन यात्रा के 68 रोचक लेख शामिल हैं जिसे पाठक बड़ी रुचि से पढ़ रहे हैं। 85 वर्षीय साह ने अपने जीवन में 214 रिसर्च पेपर, 18 वाल्यूम के इनसाइक्लोपीडिया और 18 अन्य किताबें तथा आठ हैंडबुक प्रकाशित की हैं जो शोधार्थियों और युवा पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण स्रोत मानी जाती हैं।
शंकर लाल साह ने युवाओं को अपनी संस्कृति के साथ विज्ञान अपनाकर देश और राज्य के विकास में योगदान देने की प्रेरणा दी। उन्होंने 1960 में लखनऊ विश्वविद्यालय से भौतिकशास्त्र में स्नातकोत्तर किया और 1968 में ओएनजीसी में इंजीनियर के रूप में कार्यभार संभाला। 1990 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद वह लेखन कार्य करने लगे।