अल्मोड़ा। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं की नंदादेवी मंदिर परिसर में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि एक मार्च से जिले के सस्ता गल्ला विक्रेता न तो खाद्यान्न उठाएंगे और न ही वितरण करेंगे। उन्होंने कहा कि सस्ता गल्ला विक्रेता बाल पोषाहार के खाद्यान्न का भी उठान और वितरण न करें।
उन्होंने शासन-प्रशासन पर सस्ता गल्ला विक्रेताओं की मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन मांगों पर विचार करना तो दूर पत्रों का जवाब तक नहीं दे रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों द्वारा सस्ता गल्ला विक्रेताओं की मांगों को शासन के समक्ष नहीं रखने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने सस्ता गल्ला विक्रेताओं को प्रतिमाह 30 हजार मानदेय और 300 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश देने की मांग की। सभी विक्रेताओं का दस लाख का सामूहिक जीवन बीमा कराने की मांग की। कहा कि कोई भी गल्ला विक्रेता ऑनलाइन काम नहीं करेगा।
अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दिनेश गोयल ने और संचालन जिला महामंत्री मनोज वर्मा ने किया। बैठक में केशर सिंह, अभय साह, अमरनाथ राम, चंदन सिंह, प्रमोद कुमार पांडे, विनोद सिंह, प्रताप सिंह बिष्ट, प्रकाश भट्ट, महेंद्र सिंह, पान सिंह, मोहन भंडारी, किशन राम, सुंदर भोजक, नवीन सुयाल, हेमा पांडे, लीला साह, पंकज कपिल, गोकुल सिंह, विपिन तिवारी, रीता बिनवाल, सुरेश पांडे, संदीप नंदा मौजूद थे।