प्रशासन द्वारा दीवारों पर लिखे नारे मिटा दिए गए।
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माओवादी गतिविधियों ने पुलिस और प्रशासन की नाक में दम कर रखा है। दो माह के भीतर दूसरी बार माओवादियों ने दीवारों पर भड़काऊ स्लोगनों और पोस्टरों के माध्यम से सनसनी फैला दी है। भनक लगते ही प्रशासन ने आनन-फानन में स्लोगन लिखी दीवारें पोत दीं और पर्चे, पोस्टर कब्जे में ले लिए। पुलिस ऐसी घटनाओं से इतनी परेशान है कि थानाध्यक्ष ने इस तरह की घटना क्षेत्र में होने से ही इंकार कर दिया। हालांकि एसडीएम गौरव चटवाल ने मामले की जांच की बात कही है।
एक दिन पूर्व चौखुटिया में माओवादियों ने दीवारों पर राज्य में पूर्ण शराबबंदी और पहाड़ का पानी, जवानी रोकने संबंधी नारे लिखे थे। इधर द्वाराहाट में बृृहस्पतिवार को पीजी कालेज और जीआईसी की दीवारों पर भी नारे लिखे मिले। हालांकि पुलिस प्रशासन ने सूचना मिलते ही दीवारों को पोत दिया।
इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैली हुई है। माओवादियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन का सूचना तंत्र पूरी तरह से बौना दिखाई दे रहा है। थानाध्यक्ष से जब मामले में सूचना मांगी गई तो उन्होंने घटना होने से ही इंकार कर दिया। बताया गया है कि माओवादियों द्वारा प्रदेश में शराबबंदी को पूर्ण समर्थन देने और पहाड़ की जवानी और पहाड़ के पानी को बचाने संबंधित नारे लिखे थे। बता दें कि माओवादियों द्वारा पिछले कई महीनों से इस तरह की गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों में कई स्थानों पर इस तरह की गतिविधियां हो चुकी हैं।
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द्वाराहाट पीजी कालेज और जीआईसी की दीवारों पर भड़काऊ स्लोगन मिले हैं। पुलिस इस तरह के पोस्टर फेंकने वालों के खिलाफ जांच कर रही है। प्रशासन मामले को लेकर पूरी तरह से गंभीर है।
गौरव चटवाल, एसडीएम द्वाराहाट।