फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एससी-एसटी कर्मियों ने जुलूस निकाला, नारेबाजी कर विरोध किया

विज्ञापन
अल्मोड़ा में जुलूस निकालते एससी-एसटी कर्मचारी। - फोटो : ALMORA
विज्ञापन
अल्मोड़ा। पदोन्नति में आरक्षण बहाल करने, सीधी भर्ती में पुरानी रोस्टर व्यवस्था यथावत रखने समेत अन्य मांगों को लेकर एससी-एसटी कार्मिकों ने नगर में जुलूस निकाला। जुलूस में शामिल कर्मी नारेबाजी करते हुए चल रहे थे।
विज्ञापन

उत्तराखंड एससी-एसटी इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले एससी-एसटी कार्मिकों ने शनिवार को चौघानपाटा से जुलूस शुरू किया। जुलूस विभिन्न बाजारों से होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचा। कर्मचारियों ने एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। इससे पूर्व हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सीधी भर्ती में रोस्टर की समीक्षा करने के लिए गठित मदन कौशिक समिति की रिपोर्ट जब तक नहीं आ जाती तब तक 2001 में निर्धारित रोस्टर के आधार पर ही सभी विभागों में सीधी भर्तियां की जाएं। पदोन्नति में आरक्षण बहाल किया जाए। उत्तराखंड राज्य में शैक्षिक और आर्थिक रूप से पिछड़े ओबीसी वर्ग को राजकीय सेवाओं में निर्धारित आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया जाए। उन्होंने कहा यदि सरकार ने एससी-एसटी कार्मिकों के हितों की अनदेखी की तो वह सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन करने को मजबूर होंगे।
उन्होंने कहा यदि सरकार ने एससी-एसटी कार्मिकों के हितों की अनदेखी की तो वह सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन करने को मजबूर होंगे। जुलूस में संगठन के अध्यक्ष एमएस माथुर, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष वृजपाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष नीलिमा कोहली, मुख्य विधिक सलाहकार कांता प्रसाद, संरक्षकक पीएस ग्वाल, करम राम, मूल निवासी संगठन के महेश लाल, लल्लू लाल, एससी-एसटी शिक्षक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय भाटिया, जिलाध्यक्ष वीपी कोहली, गिरीश चंद्र के अलावा प्रकाश आर्या, प्रमोद कुमार, जीवन आर्या, वीना, नाजिमा, तब्बू आदि शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें