हिमालयन यूनिटी मूवमेंट (हम) की गांव बचाओ यात्रा सोमेश्वर पहुंचीं। यात्रियों का यहां लोगों ने स्वागत किया। सोमेश्वर चौराहे पर हुई सभा में पद्मश्री डा. अनिल जोशी ने कहा कि गांवों से पलायन रोकने के लिए गांव बचाओ अभियान चलाया गया है। जल, जंगल, जमीन पर ग्रामीणों का अधिकार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अलग राज्य बने डेढ़ दशक हो गए हैं। आंदोलनकारियों की हिमालयी राज्य की सोच थी, लेकिन वैसा राज्य नहीं बना है। पहाड़ों के विकास के लिए सरकारों की सही नीति नहीं होने से शराब और खनन माफियाओं का बोलबाला बढ़ गया है। गांव और पहाड़ को बचाने के लिए एक बड़े जनांदोलन की जरूरत है।
द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने आरोप लगाया कि नेताओं और अधिकारियों की सही नीतियां नहीं होने से पहाड़ के लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है। पलायन से गांव के गांव खाली हो रहे हैं।
नीतियां शहरों के हिसाब से बनाई गई हैं। पहाड़ के विकास के लिए अलग नीति बनाने की आवश्यकता है। इस मौके पर जगदंबा नैथानी, मुन्ना सिंह राणा, डा. हिमानी पुरोहित, शालिनी नेगी, सत्येंद्र पवार, प्रकाश चंद्र, एसके डिमरी आदि ने भी विचार रखे।