अल्मोड़ा। राजकीय जूनियर हाईस्कूल चनोली के शिक्षक कल्याण मनकोटी विद्यालय में नवाचार आधारित शिक्षा को मूर्त रूप दे रहे हैं। उनके प्रयासों से विद्यालय को वर्ष 2015 में राज्य स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार भी मिल चुका है।
शिक्षक मनकोटी को शिक्षा और सामाजिक नवाचार में अद्वितीय योगदान के लिए वर्ष 2016 में राष्ट्रपति की ओर से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय पुरस्कार की राशि से शिक्षक मनकोटी ने अपने आवासीय परिसर में एक अभिनव शिक्षण केंद्र कैपैसिटी बिल्डिंग सेंटर (सीबीसी) की स्थापना की।
इस केंद्र में पुस्तकालय, आर्ट स्टूडियो, सांस्कृतिक मंच, और हेरिटेज वॉक आदि सुविधाएं हैं। सीबीसी की ओर से कुमाऊंनी भाषा के संरक्षण व संवर्धन के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
यही वजह है कि जवाहरलाल नेहरू विवि (जेएनयू) नई दिल्ली के भाषा संस्थान के 30 शोधार्थियों ने सीबीसी में कुमाऊंनी भाषा पर फील्ड रिसर्च किया और स्थानीय बच्चों के साथ मिलकर पूर्णतया कुमाऊंनी भाषा में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया।
बच्चों को निशुल्क ट्यूशन दे रहे हैं शिक्षक मौलेखी
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड के दूरस्थ जीआईसी नेवलगांव में तैनात शिक्षक ललित मोहन मौलेखी स्कूल के बाद निशुल्क ट्यूशन देकर बच्चों का भविष्य बना रहे हैं। वह बच्चों के फोन खुद रिचार्ज करके उन्हें ऑनलाइन भी पढ़ाते हैं।
शिक्षक ललित मोहन मौलेखी का कहना है पहाड़ों के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पास संसाधनों की कमी रहती है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से उन्हें पढ़ाई में दिक्कत होती है। किसी भी बच्चे की पढ़ाई न छूटे और उनका भविष्य उज्ज्वल बने इसलिए वह बच्चों को निशुल्क ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाते हैं।
वह पिछले 14 सालों से बच्चों को निशुल्क ट्यूशन दे रहे हैं। गांवों में इंटरनेट पहुंचने के बाद उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाना शुरू कर दिया। उनके पढ़ाए गए छात्र बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। वर्ष 2025 में उनके पढ़ाए कक्षा 10 के दो बच्चे मेरिट लिस्ट में आए। सीईओ अत्रेश सयाना ने भी उनके कार्यों की सराहना की है।
किताबी ज्ञान के साथ व्यवहारिक और नैतिक शिक्षा को बढ़ावा दे रही शिक्षिका पूजा
बागेश्वर। आधुनिकता की शिक्षा में विद्यार्थियों पर अधिकाधिक अंक लाने का दबाव रहता है। जिसे पूरा करने के लिए बच्चों की किताबी ज्ञान पर निर्भरता बढ़ रही है। नैतिक शिक्षा और व्यावहारिक ज्ञान पीछे छूट रहा है। कुछ शिक्षक बच्चों को संपूर्ण तरीके से शिक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे ही शिक्षकों में राप्रावि पाये की शिक्षिका पूजा गोस्वामी भी शामिल हैं। वह बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ नैतिकता और रोजमर्रा के जीवन की जरूरी बातें बताने पर भी जोर देती हैं।
शिक्षिका पूजा बताती हैं कि प्रधानाध्यापक प्रताप नाथ के मार्गदर्शन में विद्यालय में कई नवाचारी कार्यक्रम किए जा रहे हैं। स्कूल के सभी 18 विद्यार्थियों के लिए प्रार्थना सभा में कक्षावार कुछ गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। इनमें शब्द, विपरीत शब्दों का ज्ञान, रोजाना नए शब्द सीखना, सामान्य ज्ञान, न्यूज रीडिंग, शरीर के अंगों की जानकारी और पीटी शामिल हैं।
सभी कक्षाओं को अलग-अलग विषय पर बने चार्ट से सजाया गया है। एक कमरा छात्र-छात्राओं के गतिविधि और पुस्तकालय के लिए बना है। गणित को सरल बनाकर पढ़ाने के लिए अबेकस का प्रयोग किया जाता है। स्कूल में सभी त्योहार उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। विद्यार्थियों को इन त्योहारों के बारे में पूरी जानकारी देने का प्रयास किया जाता है।
खेलकूद और प्रयोगात्मक परीक्षाओं में भी स्कूल के छात्र अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
कोट
कुछ शिक्षक शिक्षण में नवाचार का अच्छा उपयोग कर रहे हैं। इन गतिविधियों से शिक्षा के सरलीकरण में मदद मिलती है। नैतिक और व्यावहारिक ज्ञान भी बच्चों की नींव को मजबूत करते हैं। सभी शिक्षक इसी तरह से कार्य करें तो सरकारी स्कूलों की शिक्षा बेहतर होती जाएगी। - विनय कुमार, डीईओ बेसिक, बागेश्वर