ग्रामीण क्षेत्र के तीन हजार से अधिक घरेलू गैस उपभोक्ताओं ने करीब एक साल बाद भी डीबीटीएल फार्म नहीं भरे हैं। इसके चलते इन सभी उपभोक्ताओं के कनेक्शन बंद पड़े हैं। गैस सिलेंडर में सब्सिडी के लिए डीबीटीएल के साथ ही अब आधार कार्ड की छाया प्रति गैस एजेंसी और बैंक में जमा करानी जरूरी है, ताकि आधार नंबर बैंक खाते से लिंक हो सके। आधार नंबर लिंक कराने के लिए गैस एजेंसी के कार्यालय में इन दिनों उपभोक्ताओं की भीड़ लग रही है।
अमर उजाला टीम ने अल्मोड़ा गैस एजेंसी के दफ्तर जाकर स्थिति का जायजा लिया। वहां प्रात: दस बजे से ही लोगों की भीड़ जुटी थी। 10:30 बजे दन्यां से ज्ञान प्रकाश पंत और गिरीश जोशी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि नया कनेक्शन मंजूर हुआ है। एजेंसी ने कनेक्शन लेने को 17 नवंबर को बुलाया था। कार्यालय ने उस दिन सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने की बात कही और वह घर को लौट गए।
तब से हर हफ्ते आ रहे हैं पर सिलेंडर और रेगुलेटर अब तक नहीं मिल सका है। 11:15 बजे कार्यालय के एक कक्ष में लोगों की काफी भीड़ जमा थी। पूछने पर पता चला कि केंद्र सरकार द्वारा सिलेंडर लेने पर खाते में सब्सिडी पाने को आधार कार्ड की छाया प्रतियां जमा की जा रही हैं। चंपानौला की गोविंदी भैंसोड़ा, खत्याड़ी की रेनू नेगी, बाड़ीबगीचा के संजय कुमार समेत दर्जनों लोग लाइन में लग कर अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे।
11:55 बजे प्रबंधक कक्ष में भी काफी लोग जमा थे। ताकुला के कोतवाल गांव निवासी श्याम सुंदर कांडपाल राशन कार्ड, आधार नंबर, पास बुक आदि की छाया प्रति जमा करवा रहे थे ताकि कनेक्शन चालू रहे। प्रबंधक राजीव कुमार ने बताया कि एक साल बाद भी ग्रामीण क्षेत्र के तीन हजार से अधिक लोगों ने डीबीटीएल फार्म नहीं भरे हैं। इसके चलते कई गैस कनेक्शन बंद पड़े हैं। उपभोक्ता निर्धारित कागजात कार्यालय में जमा करवा कर इन्हें चालू करवा सकते हैं।
नगर क्षेत्र के उपभोक्ताओं को निर्धारित वितरण स्थलों के अलावा अन्य स्थानों पर सिलेंडर नहीं मिलेंगे। इसके अलावा ऑन लाइन बुकिंग के फर्जी नंबरों पर भी सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिल सकेगी। गैस एजेंसी के कर्मचारी ऑन लाइन बुकिंग के रिफिल वाउचर लेकर स्पॉट पर पहुंचेंगे और पहली बुकिंग पहला सिलेंडर के आधार पर उपभोक्ताओं को सिलेंडर देंगे।
गैस एजेंसी के प्रबंधक राजीव कुमार ने बताया कि हर क्षेत्र के लिए गैस सिलेंडर वितरण को स्थल निर्धारित किए गए हैं, लेकिन लोग तय स्थलों के बजाए अन्य स्थलों पर पहुंच जा रहे हैं साथ ही कई लोग ऑन लाइन के फर्जी बुकिंग नंबर दिखा रहे हैं। इससे व्यवस्था प्रभावित हो रही है। फर्जी नंबरों पर सब्सिडी भी नहीं मिलेगी। अब रिफिल वाउचर के आधार पर ही सिलेंडरों की डिलीवरी होगी।