स्याल्दे(अल्मोड़ा)। स्याल्दे विकासखंड का गैरखेत क्षेत्र पिछले दो दशकों से परिवहन संकट से जूझ रहा है। वर्ष 2003 तक यहां अल्मोड़ा रोडवेज, रामनगर से केमू और जीएमओ बसों का संचालन होता था। लेकिन बढ़ते पलायन से यात्रियों की घटती संख्या से वर्तमान में ये सेवाएं बंद कर दी गई है। ऐसे में क्षेत्र के लोग टैक्सियों में महंगा किराया चुका कर सफर करने को मजबूर हैं।
हालात ये हैं कि गैरखेत से जुड़े कलझीपा जोशी, रिखाड़, लमकासों, तिमल टनोला, रोटापानी, मोहणा, परथोला, सीमा सहित 15 से अधिक गांव के लोग की यात्रा टैक्सी के भरोसे हैं। इससे लोगों पर टैक्सी के किराए का अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। वहीं किसानों के लिए फसल को बाजार तक पहुंचाना चुनौती बना हुआ है। ग्राम प्रधान हरीश नैनवाल ने बताया कि बस सेवा बहाल करने के लिए कई बार विभागों को पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक इस ओर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीण की मांग है कि क्षेत्र की जरूरत को देखते हुए बस सेवा दोबारा शुरू की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उधर केमू रामनगर के इंचार्ज देवेंद्र कांडपाल ने कहा कि सवारियों की कमी के कारण बस संचालन घाटे का सौदा बन गया था।