अल्मोड़ा। आरटीओ कार्यालय में नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन के दौरान पिछले दिनों समय सीमा समाप्त होने से पहले ही कुछ वाहन स्वामियों को पड़ी पैनल्टी अब संबंधित वाहन स्वामियों नहीं देनी होगी। विभाग की ओर से एनआईसी सॉफ्टवेयर को ठीक करने का कार्य किया जा रहा है। जिसके बाद लॉकडाउन के समय तय समय सीमा के दौरान रजिस्ट्रेशन करा चुके उपभोक्ताओं को अतिरिक्त शुल्क देने से राहत मिलेगी।
22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद से ही आरटीओ कार्यालय में भी कार्य ठप पड़े थे। मार्च में नए वाहन लेने वाले कई वाहन स्वामियों के वाहनों का रजिस्ट्रेशन तक नहीं हो पाया है। अल्मोड़ा निवासी भविष्य ओल्सन समेत कुछ लोगों ने आरटीओ शैलेष तिवारी को शिकायती पत्र के माध्यम से यह समस्या उठाई थी। शिकायत पत्र में उन्होंने कहा था कि मार्च माह में पत्नी के नाम पर उन्होंने बीएस-6 श्रेणी की स्विफ्ट कार खरीदी थी। अस्थाई पंजीकरण 10 अप्रैल 2020 तक वैध था। लेकिन 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद से ही देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान आरटीओ दफ्तर भी बंद होने से उनके वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। जून माह में जब वह आरटीओ कार्यालय में वाहन का पंजीकरण करवाने पहुंचे तो उनके बिल में पैनल्टी की रकम के तौर पर आठ हजार 456 रुपये का बिल जुड़ा मिला।
जबकि केंद्र से जारी गाइड लाइन के आधार पर 30 जून तक लटके वाहनों के रजिस्ट्रेशन करवाने के निर्देश हैं। इसके बाद भी कुछ लोगों को जारी तिथि से पहले ही पैनल्टी पड़ी। इस बीच अब आरटीओ कार्यालय में मेल के माध्यम से वाहन स्वामियों से पैनल्टी न वसूले जाने के निर्देश आए हुए हैं। आरटीओ शैलेश तिवारी ने बताया कि सॉफ्टवेयर की दिक्कतों के कारण समय सीमा समाप्त होने से पहले की कुछ नए वाहन स्वामियों को पैनल्टी जोड़ कर बिल मिला था। लेकिन अब गाइडलाइन के अनुसार तय सीमा तक उन्हें पैनल्टी नहीं पड़ेगी। साफ्टवेयर को ठीक किया जा रहा है।