अल्मो़ड़़ा में शिक्षा संवाद कार्यक्रम में मौजूद प्रतिभागी।
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उत्तराखंड आरटीई फोरम द्वारा आयोजित शिक्षा संवाद कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सरकार 18 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे के लिए शिक्षा का अधिकार कानून लागू करे। देश की सकल घरेलू आय का 10 फीसदी शिक्षा पर खर्च होना चाहिए। देश में रिक्त शिक्षकों के नौ लाख पद भरे जाएं।
भगवती पैलेस में हुए कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि शिक्षा के निजीकरण की प्रक्रिया को समाप्त किया जाना चाहिए। सार्वजनिक शिक्षा को बढ़ावा मिले। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश बहुगुणा ने कहा कि शिक्षा के बुनियादी सवालों को एकजुटता के साथ उठाने की जरूरत है। जूहा शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विनोद थापा, चमोली जिलाध्यक्ष मनोज साह ने आरोप लगाया कि सरकार जूनियर हाईस्कूलों में लगातार शिक्षकों के पद समाप्त कर रही है।
अधिवक्ता पीसी तिवारी ने कहा कि शिक्षक को कर्मचारी की मानसिकता से निकलकर शिक्षा के बुनियादी सवालों को उठाना होगा। फोरम के संयोजक रघु तिवारी ने भी विचार रखे। संचालन नीरज पंत ने किया। फोरम की नीलिमा भट्ट, राजकीय शिक्षक संघ के जिला संगठन मंत्री राजेंद्र जोशी, ब्लाक मंत्री दाता राम भट्ट, नई टिहरी के दाता राम भट्ट, जूहा गैरसैंण अध्यक्ष दिगंबर गैड़ा, पुष्कर सिंह, कल्याण मनकोटी, केवल प्रसाद, दीक्षा अधिकारी, कविता गैड़ा, प्रियंका लोहनी, हेम जोशी, गोविंद महरा, शशि शेखर, रेनू नेगी, साहिबा आदि ने विचार रखे।