रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील रानीखेत से जिला मुख्यालय अल्मोड़ा तक उत्तराखंड परिवहन निगम की कोई बस सेवा संचालित नहीं हो रही है। इससे क्षेत्रवासियों खासकर वृद्धजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की तरफ से वृद्धजनों को दी जाने वाली मुफ्त बस सेवा का लाभ यहां के लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
रानीखेत से अल्मोड़ा की दूरी लगभग 46 किलोमीटर है लेकिन इस मार्ग पर परिवहन निगम की एक भी बस नहीं चल रही है। मजबूरी में लोगों को टैक्सी या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है जिससे उन्हें अधिक किराया देना पड़ता है और अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इसके अलावा परिवहन निगम की बस सेवाएं गैरसैण, पिथौरागढ़, झूलाघाट, गोपेश्वर, जोशीमठ, बद्रीनाथ, नैनीताल, मुरादाबाद और आगरा जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण मार्गों पर भी बंद है। स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग से इस मार्ग पर शीघ्र रोडवेज बस सेवा शुरू करने की मांग की है।
क्या बोले लोग-
मुख्यालय तक पहुंचने के लिए लंबे समय से बस सेवा की मांग कर रहे हैं। न तो जनप्रतिनिधि और न ही अधिकारी इस समस्या की ओर ध्यान दे रहे हैं। इस रूट पर बस न होने से गरीब वृद्धजनों को सबसे ज्यादा दिक्कत है। उन्हें जरूरी कामों और इलाज के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ती है। -अगस्त लाल साह, रानीखेत
वृद्धजनों को मुफ्त बस सेवा देने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। जिला मुख्यालय तक जाने के लिए एक भी बस नहीं चल रही है। मजबूरन टैक्सी या निजी वाहन से जाना पड़ता है जिसमें ज्यादा किराया देना पड़ता है। -कैलाश पांडेय, रानीखेत
बस सेवा नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरी में अधिक किराया देकर धक्के खाकर सफर करना पड़ता है। गरीब वृद्धजन सबसे ज्यादा परेशान हैं। उनके पास न तो निजी वाहन हैं और न ही हर बार टैक्सी का किराया देने का सामर्थ्य। - खजान पांडेय, रानीखेत
कोट- फिलहाल बसों और स्टाफ की कमी के कारण इस मार्ग पर सेवा का संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। बसों और कर्मचारियों की उपलब्धता के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। - रमेश रौतेला, सहायक महाप्रबंधक रानीखेत डिपो
रानीखेत स्थित परिवहन निगम की डिपो कार्यशाला। संवाद