अल्मोड़ा। जिले में बढ़ती गर्मी के दृष्टिगत वनाग्नि की संभावनाओं को देखते हुए कलक्ट्रेट में हुई बैठक में वनाग्नि की रोकथाम और प्रभावी प्रबंधन पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने वनाग्नि की घटनाओं में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि तापमान में निरंतर वृद्धि के कारण वनाग्नि की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में सभी संबंधित विभागों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। उन्होंने उप जिलाधिकारियों, पुलिस विभाग तथा वन विभाग के अधिकारियों को समन्वय स्थापित करते हुए तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा-करकट व फसलों के अवशेष (ओण) जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने, इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की सूचना प्राप्त होते ही न्यूनतम रिस्पांस टाइम के साथ त्वरित व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जंगलों में अधिक से अधिक फायर लाइन तैयार करने, उनकी नियमित निगरानी करने और पर्याप्त संख्या में फायर वाचरों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। वहां प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।