जैंती (अल्मोड़ा)। सालम के अमर शहीद नर सिंह धानक के गांव चौकुना में आजादी के 74 साल बाद केमू की बस पहुंची। दन्योली-चौकुना मोटर मार्ग पर डामरीकरण के बाद केमू की बस चलाकर सड़क का परीक्षण किया। केमू की बस को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत मौरनौला-जैंती सड़क के किलोमीटर 21 से 16.325 किमी लंबा दन्योली-चौकुना मोटर मार्ग बना था। बृहस्पतिवार को केमू की बस (यूके-04-पीए-4529) को दन्योली से जमाड़ तक चलाकर सड़क का ट्रायल किया गया। पीएमजीएसवाई अल्मोड़ा के सहायक अभियंता नागेश पपनै, अपर सहायक अभियंता होशियार सिंह बिष्ट और हेम चंद्र उपाध्याय ने बस से सफर कर सड़क का परीक्षण किया। उन्होंने बताया कि परीक्षण में दन्योली-चौकुना मोटर मार्ग सही पाया गया। सड़क बनने के बाद दन्योली, नौगांव, सैनोली, चौकुना, बरम, जमाड़ के लोगों को लाभ मिलेगा। इस मौके पर रवींद्र नेगी, रमेश नाथ गोस्वामी, ठेकेदार किशन सिंह बिष्ट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्याम नारायण पांडे, गोधन नेगी, भास्कर जोशी, किशन धानक, नारायण धानक, हर सिंह धानक, रणजीत धानक, डिकर सिंह, प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।
नियमित बस चलाने की मांग
दन्योली-चौकुना मोटरमार्ग पर रोडवेज की बस का नियमित संचालन करना चाहिए। बस नहीं चलने से गांव के लोगों को भारी दिक्कतें हो रही हैं। इस रूट में अभी जीपें भी कम ही चलती हैं। - राजेंद्र सिंह धानक, उप प्रधान चौकुना
रूट पर एक्का दुक्का जीपें ही चलती हैं। सुबह आठ बजे बाद जैंती, अल्मोड़ा, हल्द्वानी आदि स्थानों के लिए वाहन आसानी से नहीं मिलते हैं। इससे लोगों को परेशानी होती है। - पान सिंह धानक, चौकुना