रिस्कन घाटी द्वाराहाट की समस्याओं को लेकर सुनाड़ी में क्रमिक अनशन 13वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया। आंदोलन में महिलाएं भी शामिल हो रही है। क्रमिक अनशन पर चंद्रशेखर बुधानी और गोपाल बिष्ट बैठे।
आंदोलन स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को पीपीपी मोड में देकर सरकार अपने लोगों को मालामाल कर रही है। मगर पीपीपी मोड को स्वीकार नहीं किया जाएगा। महिलाओं ने कहा कि 13 दिन के बाद भी सरकार का कोई भी नुमाइंदा आंदोलन स्थल पर नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि समस्याएं हल होने के बाद ही आंदोलन खत्म होगा। धरने पर लक्ष्मी देवी, भगवती देवी, हेमा बुधानी, चंपा देवी, मोहन देवी, दीपा अधिकारी, ममता बिष्ट, बबिता बिष्ट, चंपा अधिकारी, मुन्नी रावत, शांति रावत, हीरा देवी, भगवती देवी बैठी।
धरने के दौरान हुई सभा का संचालन नवीन कांडपाल ने किया। सभा को हरीश जलाल, हरीश तिवारी, भगवती तिवारी, दर्शन सिंह, दान सिंह ने संबोधित किया। इस अवसर पर रमेश पुजारी, हरिदत्त फुलारा, जगत सिंह, गोपाल सिंह, उमेद राम, घनानंद कांडपाल, जीवन सिंह, मोहन कांडपाल, माधव नंद आदि मौजूद थे।