रिस्कन घाटी के गांवों की तमाम समस्याओं को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति और रिस्कन घाटी संघर्ष समिति का 25 नवंबर से प्रस्तावित आंदोलन विधायक मदन बिष्ट से हुई वार्ता के बाद स्थगित हो गया है। समझौता वार्ता में फरवरी तक समस्याओं का निराकरण किए जाने का भरोसा दिलाया गया है।
मालूम हो कि बयेड़ा-नाड़ और गवाड़-कोटिला-फल्द्वाड़ी-सुरईखेत मोटर मार्ग का निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने, रणां-कूना-बसुंधरा मोटर मार्ग बनाने, नैथना देवी पेयजल योजना के पुनर्गठन की जांच करने सहित तमाम मांगों को लेकर रिस्कन घाटी के ग्रामीण लंबे समय से संघर्षरत हैं।
इस बार ग्रामीणों ने पुन: 25 नवंबर से आंदोलन की चेतावनी दी थी, इधर क्षेत्रीय विधायक मदन बिष्ट के साथ समिति के पदाधिकारियों की बैठक हुई। पदाधिकारियों ने बताया कि विधायक श्री बिष्ट ने फरवरी 16 तक मांगों के संबंध में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वार्ता में संयोजक विपिन पंत, लाल सिंह, भूपाल सिंह, बालादत्त पंत, बंशीधर तिवारी, पूरन पंत, मदन सिंह, दान सिंह, आनंद पांडेय, हरीराम, मनोज कुमार, डिगर सिंह सहित तमाम लोग मौजूद थे।