निजी रिवाल्वर से चली गोली से आबकारी इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह बाल-बाल बच गए। गोली उनके पैर में घुस गई। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में बेस अस्पताल के डाक्टरों ने करीब डेढ़ घंटे के आपरेशन के बाद जांघ की तरफ फंसी गोली को निकाल दिया। आबकारी इंस्पेक्टर को खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
घटना के बारे पुलिस में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं है। जानकारी के मुताबिक आबकारी इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह बिष्ट पांडेखोला में किराए के मकान में रहते हैं। शनिवार सुबह करीब 8.30 बजे उनकी निजी रिवाल्वर से चली गोली उनकी जांघ में घुस गई। गोली लगने के बाद श्री बिष्ट गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के लोगों ने घटना की सूचना विभाग के कुछ अधिकारियों को दी और उन्हें तत्काल बेस अस्पताल ले जाया गया। बेस अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. पीके मेहता ने करीब डेढ़ घंटे के ऑपरेशन में जांघ में फंसी गोली बाहर निकाल ली।
डा. मेहता ने बताया कि गोली जांघ में घुसी थी। उन्होंने आबकारी निरीक्षक को खतरे से बाहर बताया। इधर आबकारी निरीक्षक श्री बिष्ट का कहना है कि उन्होंने रिवाल्वर अलमारी के सबसे ऊपर के रैक में रखी थी। उनका कहना है कि सुबह कपड़े निकालते वक्त रिवाल्वर फर्श में गिर पड़ी और उससे गोली चल गई। संयोग से गोली उनके घुटने के पास लगी अन्यथा उनकी जान को खतरा हो सकता था। इधर पुलिस ने बताया है कि इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं है।