अल्मोड़ा। समान पद, समान पेंशन समेत विभिन्न मांगों को लेकर सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारी कल्याण समिति ने आवाज बुलंद की। सोमवार को लिंक रोड स्थित एक होटल सभागार में समिति के 14वें वार्षिक सम्मेलन में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों पर मंथन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश की सुरक्षा और सेवा में जीवन बिताने वाले केंद्रीय एवं पैरामिलिट्री कर्मियों को समान पद, समान पेंशन का लाभ दिया जाना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि जहां सीजीएचएस की सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले मेडिकल एलाउंस को एक हजार से बढ़ाकर चार हजार रुपये किया जाए और इसमें डीए भी जोड़ा जाए। सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में सीजीएचएस के तहत उपचार की सुविधा देने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों की तरह सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी वार्षिक बोनस देने की मांग की गई।
सम्मेलन में समिति के सदस्य नवीन चंद्र जोशी के 80 वर्ष की आयु पूरी करने पर सम्मान किया गया। इस दौरान समिति की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता समिति के सचिव चंद्रशेखर सिंह सिराड़ी ने की जबकि संचालन नारायण दत्त पांडे ने किया।
कार्यक्रम में एएस कार्की, हरीश लाल, मोहन डालाकोटी, नवीन चंद्र जोशी, रमेश चंद्र तिवारी, डीएस भाकुनी, दीवान बिष्ट, सतीश पंत, गंगा सिंह फत्र्याल, मनोहर नेगी, हर्षवर्धन चौधरी, त्रिलोक सिंह, मोहन पांडे, गणेश सिंह बिष्ट, लक्ष्मी दत्त पांडे, डॉ. हेमंत कुमार पांडेय, अशोक ववारी, एनडी कांडपाल, एनडी पांडे और मोहन सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
प्रमुखता से उठीं ये मांगें
-वेतन आयोग में सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाए, ताकि वे अपनी समस्याएं आयोग के समक्ष रख सकें।
-वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनरों को रेल किराये में छूट दी जाए।
-सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों की तरह सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी वार्षिक बोनस दिया जाए।
-80 वर्ष की आयु पर पेंशन में 20 प्रतिशत वृद्धि के बजाय प्रत्येक वर्ष 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए। अथवा पंजाब सरकार की तर्ज पर प्रत्येक पांच वर्ष में पांच प्रतिशत की वृद्धि दी जाए।
-सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों को दो वर्ष में एक बार परिवार सहित एलटीसी की सुविधा दी जाए।