शिव मंदिर में पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में बैठक करते अधिकारी कर्मचारी शिक्षक संघर्ष मोर्चा के लोग।
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पदोन्नति में आरक्षण को जारी रखने के लिए केंद्र सरकार द्वारा संविधान संशोधन के प्रयासों का सामान्य, अन्य पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों ने विरोध शुरू कर दिया है। उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी-शिक्षक संघर्ष मोर्चा और ऑल इंडिया इक्वलिटी फोरम की संयुक्त बैठक में इस नीति का विरोध किया गया। कहा कि पदोन्नति में आरक्षण से अन्य वर्ग के अधिकारी-कर्मचारियों का मनोबल टूटेगा। यह व्यवस्था समाज के लिए घातक साबित होगी।
यहां शिव मंदिर सभागार में आरक्षण में पदोन्नति को लेकर केंद्र सरकार के नजरिए की भर्त्सना की गई। कहा कि सरकार को इसे असंवैधानिक करार देना चाहिए था, लेकिन सरकार आगामी मानसून सत्र में आरक्षण जारी रखने के लिए 117वें संविधान संशोधन का प्रयास कर रही है। कहा यदि तुष्टिकरण के लिए सरकार और दलों के लोग पदोन्नति में आरक्षण का विधेयक लाएंगे तो उन नेताओं को आगामी चुनाव में समुचित जवाब दिया जाएगा।
वक्ताओं ने सरकार और विभिन्न समर्थक राजनीतिक दलों से पदोन्नति में आरक्षण बिल का समर्थन नहीं करने की अपील की। बैठक में इस नीति के विरोध और मानसून सत्र में दिल्ली कूच का कार्यक्रम भी तय किया गया। बैठक में जगदीश उपाध्याय, कमलेश तिवारी, भुवन तिवारी, प्रताप सिंह नेगी, विनोद बिष्ट, महेश चंद्र जोशी, ख्याली दत्त रिखाड़ी, दीप चंद्र, दीपक बिष्ट, ध्रुव चंद्र सिंह रौतेला, अशोक चंद्र, राजेंद्र सिंह, कमलेश नैनवाल, कमल फुलारा, दीप पंत, तारा दत्त सती, कैलाश सती, भुवन चौधरी, ललित पांडेय, किशोर जोशी, ललित पालीवाल, गणेश पालीवाल सहित तमाम लोग मौजूद थे।