चिन्हीकरण की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारी आंदोलन को अब उग्र करने का मन बनाने लगे हैं। आमरण अनशन के दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि 10 जुलाई को इस संबंध में डीएम ने अल्मोड़ा में बैठक बुलाई है। यदि चिन्हीकरण के मसले पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो द्वाराहाट बंद कर चक्काजाम शुरू कर दिया जाएगा।
इधर, आमरण अनशनकारी राम सिंह बोरा तीसरे दिन भी अनशन पर डटे रहे, उनके स्वास्थ्य में गिरावट आने लगी है। चिकित्सकों ने बोरा के स्वास्थ्य की जांच कर बताया कि उनका वजन दो किलो कम हो गया है। इस दौरान शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कहा कि छह दिनों से आमरण अनशन चल रहा है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
चौखुटिया से उक्रांद के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष एनडी तिवारी, प्रेम सिंह अटवाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल चौधरी, विनोद जोशी, नीरू आर्या, चंदू उपाध्याय, भूपाल पुरी, रामदत्त मठपाल, भीम सिंह किरौला, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नंद राम आदि ने आंदोलन स्थल पर आकर अनशन को समर्थन दिया। अनशन के समर्थन में मनोज अधिकारी, महेश प्रसाद, मोहन सिंह, कुंदन राम, धनी राम, गोपाल सिंह राणा, दान सिंह राणा, मनोहर दत्त, नवीन चंद्र, लक्ष्मण सिंह, किशन नेगी आदि धरने पर बैठे।