केंद्रीय राज्यमंत्री का स्वागत
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हिमालय राज्यों में हर साल अतिवृष्टि और भूकंप के कारण आपदा जैसी घटनाओं से लाखों लोगों का जीवन संकट में पड़ जाता है। आवासीय विवि में आपदा संबंधी विषयों का पठन-पाठन शुरू होने से यहां के लोगों को लाभ मिलेगा। जीबी पंत संस्थान में आयोजित संगोष्ठी के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि आवासीय विवि खुलने से जहां युवाओं को स्वरोजगार के लिए नई दिशा मिलेगी वहीं यहां की संस्कृति का भी संरक्षण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य के लिए उदय शंकर नाट्य अकादमी की स्थापना यहां की गई है उसके भी सार्थक परिणाम भविष्य में देखने को मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा सांस्कृतिक, साहित्यिक, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान देश और विदेश में बनाए हुए है। आवासीय विवि बनने के बाद यहां की विलुप्त हो रही विधाओं और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि आवासीय विवि में आपदा संबंधी विषय खुलने से भी स्थानीय लोगों को काफी लाभ मिलेगा।
उन्होंने विलुप्त हो रहे ताम्र और ऊनी उद्योग पर चिंता जताते हुए इसे बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने पर्यटन को बढ़ाने के लिए प्रदेश में ऑल वेदर रोड बनाने और पर्वतीय क्षेत्रों में तीर्थाटन और पर्यटन के लिए रोप वे लगाने पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने बताया कि पिरूल का सही उपयोग के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है जिसमें बोर्ड, फर्नीचर एवं कपड़ा बनाने का प्राविधान रखा गया है। आवासीय विवि के कुलपति प्रो. एचएस धामी ने कहा कि देश क पांच राज्यों के विद्वानों ने यहां आकर जो सुझाव रखे उसका ध्यान रखना होगा।
उन्होंने बताया कि लोगों की भावना के अनुरूप विवि में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के निदेशक पीपी ध्यानी, प्रो. केएस वाल्दिया, प्रो.एसपीएस बिष्ट, डा. विजया देशमुख ने भी विचार रखते हुए विवि को नए आयाम से जोड़ने में अपना पूर्ण सहयोग देने की बात कही। संगोष्ठी में यूकास्ट के निदेशक राजेंद्र डोभाल, प्रो.प्रीति जोशी, डा. साइरस करकारिया, मुख्य कोषाधिकारी विक्रम सिंह जंतवाल समेत संस्थान के वैज्ञानिक, शोधार्थी और गणमान्य लोग मौजूद थेे।