अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग के छात्र-छात्राओं को इस शिक्षा सत्र से रेशम उत्पादन भी सिखाया जाएगा। कौशल विकास पाठ्यक्रम के तहत शुरू होने जा रही इस पहल का मकसद विद्यार्थियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर आत्मनिर्भर बनाना है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि स्नातक और परास्नातक स्तर पर छात्र-छात्राओं को रेशम कीट पालन, कोकून उत्पादन, धागा बनाने की विधि और विपणन तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
छात्र- छात्राओं को अपने मुख्य विषयों के साथ ही इस विषय का चुनाव करना होगा। इसके विद्यार्थियों को चार क्रेडिट मिलेंगे और उन्हें इस विषय को उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। जिले के कई इलाकों में रेशम उत्पादन हो रहा है। इसी को देखते हुए शुरूआत की जा रही है। रेशम की मांग को देखते हुए भी इंडस्ट्री के मुताबिक युवाओं को विश्वविद्यालय के माध्यम से तैयार किया जाएगा।