अल्मोड़ा। प्रोन्नति में आरक्षण बहाल करने समेत सात सूत्री मांगों को लेकर उत्तराखंड एससी-एसटी इंप्लाइज फेडरेशन और सहयोगी संगठनों के आह्वान पर कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों के लोगों ने रविवार को चौघानपाटा स्थित कै. सतीश चंद्र जोेशी पार्क में सभा की।
उन्होंने सीधी भर्ती में पुरानी रोस्टर व्यवस्था बहाल करने की भी मांग उठाई। आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार आरक्षित वर्ग के लोगों के हितों पर कुठाराघात कर रही है। सभा के पश्चात शहर में जुलूस निकलाकर प्रदर्शन भी किया गया। बाद में जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
फेडरेशन के आह्वान पर कर्मचारी और संगठनों के लोग चौघानपाटा स्थित कै. सतीश चंद्र जोशी पार्क में डॉ. आंबेडकर की मूर्ति के पास एकत्र हुए। यहां हुई सभा में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने की साजिश कर रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार बैकलॉग के रिक्त पदों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाए। साथ ही संविदा, आउट सोर्स के माध्यम से की जा रही नियुक्तियों में भी आरक्षण का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि शैक्षिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग का आरक्षण 14 से 27 फीसदी किया जाए। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन यदि सरकार डीपीसी पर रोक हटाती है तो पुराने रोस्टर के अनुसार ही डीपीसी कराई जाए।
सभा के पश्चात कर्मचारियों और प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकाला। सभा और जुलूस में फेडरेशन के जिलाध्यक्ष एमएस माथुर, उपाध्यक्ष नीलिमा कोहली, कैलाश चंद्र, महेश लाल, रमेश लाल, पंकज टम्टा, मूल निवासी संगठन के लल्लू लाल, नवीन चंद्र, मनोज कुमार, आंबेडकर समिति के अध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन राम आर्या, कांग्रेस नेता एससीएसटी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजेंद्र बाराकोटी, सभासद सचिन आर्या आदि शामिल थे।