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Almora News: शोध में हुआ खुलासा, युवाओं के हुए सबसे ज्यादा एक्सिंडेंट

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अल्मोड़ा। दो साल के अंदर बेस अस्पताल की इमरजेंसी में आए कुल मेडिकोलीगल पर मेडिकल कॉलेज के डीन सहित दो असिस्टेंट प्रोफेसर व एक जूनियर रेजीडेंट की टीम ने शोध किया। आंकड़े चौंकाने वाले रहे। सबसे ज्यादा मामले एक्सीडेंट के रहे। इसमें भी चोटिल होने वालों में युवा ज्यादा निकले। माथा व सिर की चोट सबसे अधिक थी। हेलमेट न पहनना बड़ी वजह के रूप में सामने आया। सर्वाधिक हादसे फरवरी से जून तक हुए।
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सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्वेदिक एवं शोध संस्थान एवं मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रीत इंदर सिंह, एल्विन अब्राहम वर्गिश, डीन व प्राचार्य डॉ. चंद्रप्रकाश और जूनियर रेजीडेंट सिदुति शर्मा ने बेस अस्पताल में दो साल में आए 434 मामलों को कलेक्ट कर शोध किया। हादसों का प्रकार, घायलों की मनोस्थिति, चोट, वाहन, मौसम, समय, कारण, उम्र, जेंडर के प्रकरण अलग-अलग करते हुए शोध किया। सामने आया कि 74 प्रतिशत मामले एक्सीडेंटल जबकि 19 प्रतिशत घरेलू विवाद से मारपीट के रहे। हादसों में घायल होने वालों में युवा ज्यादा रहे।

घायलों में बुजुर्ग केवल चार
कुल 434 केस में शून्य से 15 साल के बीच के 35 प्रकरण, 16 से 25 साल के बीच के 64, 26 से 35 साल के बीच के 103, 36 से 45 साल के 77, 46 से 55 साल के 71, 56 से 65 साल के 51, 66 से 75 साल के 29 और 76 से 85 साल के बीच की उम्र वाले चार लोग घायल हुए थे।
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सबसे ज्यादा शरीर के अलग-अलग अंग कटे या टूटे
शोध में सामने आया कि कुल मामलों में 50.23 प्रतिशत में घायल के शरीर का कोई हिस्सा कटा या हड्डी टूटी थी। 22.12 प्रतिशत मामले शरीर के नीला पड़ने, 15.91 प्रतिशत में रपटना, चार प्रतिशत में फ्रैक्चर रहा। बर्न केस दो और प्वाॅइजनिंग के पांच प्रतिशत मामले निकले। कुल प्रकरण में 74.26 प्रतिशत मामले एक्सीडेंटल, 10 प्रतिशत घरेलू विवाद, पांच प्रतिशत सुसाइड अटेम्प्ट और छह प्रतिशत घरेलू मारपीट के आए थे।


बाइक से ही ज्यादा एक्सीडेंट
शोध स्पष्ट करता है कि बिना हेलमेट और तेज गति से बाइक चलाना हादसे का कारण बन रहा है। कुल 434 में 344 घायल बाइक चालक थे जबकि 32 कॉमर्शियल वाहन सवार घायल हुए। कार सवार महज चार और अन्य वाहन में सवार घायल की संख्या 53 रही। माथे पर चोट के 101 मामले सर्वाधिक हैं जो कुल मामलों का 23 प्रतिशत से ज्यादा है। 10 प्रतिशत मामले में सिर पर चोट आई।

मौसम - नंबर केस - प्रतिशत
वसंत - 159 - 36.59
गर्मी - 154 - 35.37
शरद - 81 - 18.71
सर्दी - 40 - 9.33
कुल - 434 - 100

कोट...
दो साल मामलों को कलेक्ट कर शोध किया गया। यह हादसों को रोकने में कारगर होगा। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी इस पर चर्चा की जा सकती है। यदि पहले ही कार्य योजना बने तो ऐसे हादसे रोके जा सकते हैं। -डॉ. इंदर प्रीत सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर
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